बिहार में स्मार्ट मीटर का तगड़ा झटका: सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही धड़ाम से गिरा बैलेंस, माइनस में पहुंचा खाता
बिजली विभाग में नए आरएमएस सॉफ्टवेयर के लागू होने के बाद भभुआ के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बैलेंस अचानक कम होकर माइनस में चले गए हैं।

सॉफ्टवेयर बदलने के बाद स्मार्ट मीटर का बैलेंस हुआ माइनस (AI Generated Image)
HighLights
नए सॉफ्टवेयर से स्मार्ट मीटर बैलेंस माइनस में।
जून से अगस्त तक की लंबित बिलिंग अपडेट हुई।
उपभोक्ताओं की शिकायत पर विभाग ने दी जानकारी।
जागरण संवाददाता, भभुआ। बिजली विभाग में मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सॉफ्टवेयर में किए गए बदलाव का असर अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बैलेंस पर दिखाई देने लगा है। जून से अगस्त तक करीब तीन महीने मीटर रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया प्रभावित रहने के बाद नया आरएमएस सॉफ्टवेयर शुरू किया गया।
इसके बाद जब लंबित मीटर रीडिंग और बिजली खपत का हिसाब सिस्टम में अपडेट हुआ तो कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में बैलेंस अचानक कम होने के साथ माइनस में दिखाई देने लगा। इससे उपभोक्ताओं में असमंजस और परेशानी की स्थिति पैदा हो गई।
सोमवार को कई उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर विद्युत विभाग के भभुआ कार्यालय पहुंचे। उपभोक्ताओं का कहना था कि उनके स्मार्ट मीटर में पहले प्लस बैलेंस दिखाई दे रहा था। किसी के खाते में 500 रुपये या उससे अधिक की राशि उपलब्ध थी, लेकिन अचानक रीडिंग अपडेट होने के बाद बैलेंस माइनस में चला गया।
इससे लोगों को आशंका हुई कि विभाग ने उनके खाते से अतिरिक्त राशि काट ली है। कई उपभोक्ताओं ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए पूरे मामले की जानकारी मांगी।
उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए विद्युत विभाग के सहायक विद्युत अभियंता राकेश प्रभाकर सहित कनीय विद्युत अभियंता रमाकांत सिंह ने लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था में सा वेयर परिवर्तन के कारण जून से अगस्त तक की प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं हो सकी थी। इस दौरान स्मार्ट मीटर में ऊर्जा खपत से संबंधित आवश्यक आंकड़ों की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में स्मार्ट मीटर से ऊर्जा उपयोग के आधार पर लगने वाला एनर्जी चार्ज निर्धारित प्रक्रिया के तहत कटता रहा, लेकिन बिलिंग की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर परिवर्तन के कारण लंबित थी।
अब आरएमएस सॉफ्टवेयर के चालू होने के बाद लंबित रीडिंग और बिजली खपत का हिसाब सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है। इसके कारण पिछले महीनों में उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई बिजली की राशि एक साथ समायोजित होने लगी है।
बताया गया कि आरएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से मीटर रीडिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद 30 अगस्त से बिजली खपत के लंबित हिसाब को सिस्टम में अपडेट किया गया। जिन उपभोक्ताओं ने पिछले महीनों में बिजली का उपयोग किया था, उनके खाते में उसी के अनुरूप राशि का समायोजन दिखाई देने लगा।
इसी वजह से कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में पहले मौजूद प्लस बैलेंस कम होकर शून्य अथवा माइनस में दिखाई देने लगा। यह पिछले समय में हुई बिजली खपत और लंबित बिलिंग प्रक्रिया के समायोजन का परिणाम है। सॉफ्टवेयर बदलने के कारण जो बिलिंग प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी थी, वह अब नए सिस्टम के माध्यम से अपडेट की जा रही है।
