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    कैमूर में होगी किन्नू; अमरूद और शरीफा की बागवानी, बिहार सरकार देगी बंपर सब्सिडी

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:30 AM (GMT+05:30)

    कैमूर जिले में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को किन्नू, अमरूद और शरीफा की बागवानी का लक्ष्य मिला है। इससे किसान पारंपरिक खेती के अलावा फल उ ...और पढ़ें

    कैमूर में होगी किन्नू, अमरूद और शरीफा की बागवानी (AI Generated Image)

    कैमूर में होगी किन्नू, अमरूद और शरीफा की बागवानी (AI Generated Image)

    HighLights

    1. कैमूर में किन्नू, अमरूद, शरीफा की बागवानी का लक्ष्य मिला।

    2. एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को मिलेगा लाभ।

    3. परंपरागत खेती के अलावा फल उगाकर किसान होंगे आत्मनिर्भर।

    जागरण संवाददाता, भभुआ। जिले में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत किन्नू, अमरूद, शरीफा फलों की बागवानी करने का लक्ष्य मिला है। अब कैमूर के किसान परंपरागत गेहूं, धान की खेती के अलावा फलों की बागवानी कर आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।

    इस संबंध में जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार गौरव ने बताया कि कैमूर जिले को वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत तीन फलों की बागवानी करने को 25-25 हेक्टेयर में लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

    उन्होंने बताया कि जिले की चयनित तीन पंचायतों में तीन फलों की बागवानी की जाएगी। यह बागवानी क्लस्टर में की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि जिले में 25 हेक्टेयर में किन्नू, 25 हेक्टेयर अमरूद, 25 हेक्टेयर में शरीफा फलों की बागवानी होगी। किन्नू व अमरूद की बागवानी पर 12 लाख की खर्च पर किसानों को निर्धारित प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा।

    बता दें कि जिले में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न तरह की बागवानी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पूर्व में केला, नारयिल सहित अन्य फलों की बागवानी कराई गई है। इस बार जिले में किन्नू, अमरूद व शरीफा की बागवानी करने का लक्ष्य मिला है।

    उल्लेखनीय है कि कैमूर जिले की पहचान पूरे प्रदेश में धान के कटोरा के रूप में बनी हुई है। यहां से उत्पादित चावल की आपूर्ति हर जगह की जाती है। जिले के किसानों का जीवन पूरी तरह से खेती पर ही निर्भर है। मोकरी गांव के गोबिंद भोग चावल का से अयोध्या में भगवान को भोग लगाया जाता है।