बिहार के इस प्राचीन मंदिर तक अब हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे श्रद्धालु; 15 से शुरुआत के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी
कैमूर जिले में 15 जुलाई से हेली-टूरिज्म सेवा शुरू होगी, जिससे मां मुंडेश्वरी धाम तक पहुंचना आसान हो जाएगा। यह योजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हवाई दर ...और पढ़ें

15 जुलाई से कैमूर का हेलीकॉप्टर से करें भ्रमण। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
कैमूर में 15 जुलाई से हेली-टूरिज्म सेवा होगी शुरू।
मां मुंडेश्वरी धाम तक श्रद्धालुओं की पहुंच होगी आसान।
धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, भभुआ। कैमूर जिले के पर्यटन को नई ऊंचाई मिलने वाली है। धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध कैमूर अब जल्द ही हेली-टूरिज्म से जुड़ने जा रहा है।
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना के तहत आगामी 15 जुलाई से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ विश्व प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा। योजना के तहत मुंडेश्वरी धाम परिसर में हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा।
तीन संभावित स्थलों की पहचान शुरू
इसके लिए जिला प्रशासन ने तीन संभावित स्थलों की पहचान की है। इनमें मुंडेश्वरी धर्मशाला परिसर, मुंडेश्वरी गेस्ट हाउस परिसर तथा मुंडेश्वरी पावरग्रिड के समीप स्थित खेत शामिल हैं।
अब तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इन तीनों स्थानों का निरीक्षण करेगी। सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप उपयुक्त स्थान का चयन होने के बाद वहीं हेलीपैड निर्माण को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद श्रद्धालु और पर्यटक कुछ ही मिनटों में मुंडेश्वरी धाम पहुंच सकेंगे। साथ ही उन्हें पर्वत श्रृंखलाओं, घने वन क्षेत्रों, प्राकृतिक घाटियों और प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई दर्शन करने का भी अवसर मिलेगा।
15 जुलाई से होगी शुरुआत
इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर और नेचर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य कैमूर को बिहार के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करना है।
लंबे समय से जिले में हवाई संपर्क की मांग उठती रही है। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, हेली-टूरिज्म सेवा का पहला चरण 15 जुलाई से 15 जनवरी तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि में यात्रियों की संख्या और मांग का आकलन किया जाएगा।
यदि सेवा को अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इसका विस्तार भी किया जा सकता है। देश के सबसे प्राचीन जीवित मंदिरों में शुमार मां मुंडेश्वरी धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्र और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक सड़क मार्ग से पहुंचने में समय और श्रम दोनों लगता है।
ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष राहत मिलेगी। इस योजना का लाभ केवल मुंडेश्वरी धाम तक सीमित नहीं रहेगा।
करकटगढ़ जलप्रपात, कैमूर वन क्षेत्र, पहाड़ी घाटियां और जिले के अन्य प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी इससे नई पहचान प्राप्त करेंगे। हेलीकॉप्टर से इन स्थलों का विहंगम दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
निरीक्षण और रिपोर्ट के आधार पर शुरू होगा काम
राज्य सरकार का उद्देश्य धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर बिहार में पर्यटन को नई दिशा देना है।
इसी सोच के तहत पहले चरण में कैमूर के मुंडेश्वरी धाम को इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है। भविष्य में राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी हेली-टूरिज्म नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर विचार किया जा सकता है।
भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष प्रताप सिंह ने बताया कि मुंडेश्वरी धाम परिसर में हेलीपैड निर्माण के लिए तीन स्थलों की पहचान की गई है। तकनीकी टीम के निरीक्षण और रिपोर्ट के आधार पर एक स्थान का चयन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।