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    कैमूर के किसानों की बल्ले-बल्ले: मात्र 55 पैसे/यूनिट मिलेगी बिजली, खेतों में लगेंगे नए ट्रांसफार्मर

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 01:29 PM (IST)

    कैमूर जिले में मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंधी योजना के तहत 75 नए कृषि ट्रांसफार्मर और 239 किलोमीटर बिजली लाइनें लगाई जाएंगी, जिससे किसानों को सिंचाई ...और पढ़ें

    मात्र 55 पैसे/यूनिट मिलेगी बिजली, खेतों में लगेंगे नए ट्रांसफार्मर (AI Generated Image)

    मात्र 55 पैसे/यूनिट मिलेगी बिजली, खेतों में लगेंगे नए ट्रांसफार्मर (AI Generated Image)

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    जागरण संवाददाता, भभुआ। खेती को लाभकारी बनाने और किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कैमूर जिले में मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंधी योजना के तहत बड़े पैमाने पर कार्य शुरू किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में 75 नए कृषि ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।

    इसके साथ ही किसानों के खेतों तक बिजली पहुंचाने के लिए 134 किलोमीटर एलटी लाइन तथा 105 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस पूरी योजना का उद्देश्य कृषि कार्यों के लिए अलग बिजली व्यवस्था विकसित करना है, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके और डीजल पंप पर उनकी निर्भरता कम हो।

    विद्युत विभाग द्वारा तैयार रोडमैप के अनुसार कृषि प्रधान क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए ट्रांसफार्मर लगाने, पोल खड़े करने, तार बिछाने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद जिले के हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    पहले से लगाए जा चुके हैं 3994 कृषि ट्रांसफार्मर

    विद्युत विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंधी योजना के तहत कैमूर में अब तक 3994 कृषि ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इन ट्रांसफार्मरों के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई के लिए अलग बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। अब नई स्वीकृति के तहत 75 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जिससे उन गांवों और खेतों तक भी बिजली पहुंचेगी।

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    विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त समय तक बिजली मिलेगी। इससे धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन तथा सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को सबसे अधिक लाभ होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय टीम स्थल का निरीक्षण करेगी।

    तकनीकी जांच पूरी होने तथा पात्रता निर्धारित होने के बाद संबंधित क्षेत्र में ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइन लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

    नई लाइन से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था

    योजना के अंतर्गत केवल ट्रांसफार्मर ही नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि पूरे विद्युत नेटवर्क का विस्तार भी किया जाएगा। विभाग द्वारा 134 किलोमीटर एलटी लाइन और 105 किलोमीटर 11 केवी लाइन का निर्माण कराया जाएगा। इन नई लाइनों के माध्यम से खेतों तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    आवेदन के आधार पर मिलेगी सुविधा

    विद्युत कार्यपालक अभियंता ई. शशिकांत कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंधी योजना के तहत किसानों से प्राप्त आवेदनों की जांच कर आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है। जहां किसानों की संख्या अधिक है और सिंचाई की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य जिले के प्रत्येक किसान के खेत तक बिजली पहुंचाना है, ताकि सिंचाई की सुविधा बेहतर हो सके और खेती की लागत में कमी आए।

    मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से मिल रही कृषि बिजली

    योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार द्वारा दी जा रही इस रियायती दर का उद्देश्य किसानों पर सिंचाई का आर्थिक बोझ कम करना है।

    मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंधी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन सुविधा विभाग के पोर्टल तथा सुविधा एप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। जो किसान स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपने नजदीकी विद्युत कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर आवेदन करा सकते हैं।

    आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

    योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सामान्यतः निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे-

    • आधार कार्ड
    • भूमि संबंधी दस्तावेज
    • पहचान पत्र
    • मोबाइल नंबर
    • पासपोर्ट आकार का फोटो