गालीगलौज करना पड़ गया भारी: कैमूर में ASI सस्पेंड, वर्दी में रील बनाने वाले जवान पर भी एक्शन
कैमूर पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की है। एक एएसआई को जातिसूचक गाली-गलौज के आरोप में निलंबित किया गया, वहीं वर्दी में रील ...और पढ़ें

कैमूर में एएसआई सस्पेंड, होमगार्ड पर भी कार्रवाई। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, भभुआ। कैमूर जिले में पुलिसकर्मियों के अनुशासनहीन आचरण पर पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है।
एक ओर करमचट थाना में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) परमानंद प्रसाद को एक व्यक्ति के साथ जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
तो दूसरी ओर ड्यूटी के दौरान वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले एक गृहरक्षक जवान के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की गई है।
जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट की शिकायत पर एएसआई निलंबित
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि करमचट थाना में पदस्थापित एएसआई परमानंद प्रसाद के खिलाफ एक व्यक्ति ने जातिसूचक गाली देने, मारपीट करने और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक स्तर पर एएसआई को निलंबित कर उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, भभुआ निर्धारित किया गया है।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीपीओ भभुआ को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। एसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार या अधिकारों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वर्दी में रील बनाना पड़ा भारी, गृहरक्षक जवान पर भी कार्रवाई
इधर, सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर भी विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बीते सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर वर्दी में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक गृहरक्षक जवान ड्यूटी के दौरान रील बनाता दिखाई दिया।
मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि वीडियो पोस्ट करने वाला जवान विकास कुमार है, जो कुदरा थाना में कार्यरत है।
सत्यापन के बाद एसपी ने इसे अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाला कृत्य मानते हुए संबंधित गृहरक्षक जवान के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया।
लगातार की गई इन दोनों कार्रवाइयों से यह संकेत मिला है कि कैमूर पुलिस प्रशासन अनुशासन और पेशेवर आचरण को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
एसपी शिखर चौधरी ने कहा कि पुलिसकर्मियों से अपेक्षा है कि वे कानून का पालन कराने के साथ-साथ अपने व्यवहार और आचरण से भी जनता का विश्वास बनाए रखें। विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भभुआ। कैमूर जिले में पुलिसकर्मियों के अनुशासनहीन आचरण पर पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। एक ओर करमचट थाना में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) परमानंद प्रसाद को एक व्यक्ति के साथ जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ड्यूटी के दौरान वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले एक गृहरक्षक जवान के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की गई है।
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जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट की शिकायत पर एएसआई निलंबित
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मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीपीओ भभुआ को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। एसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार या अधिकारों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वर्दी में रील बनाना पड़ा भारी, गृहरक्षक जवान पर भी कार्रवाई
इधर, सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर भी विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बीते सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर वर्दी में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक गृहरक्षक जवान ड्यूटी के दौरान रील बनाता दिखाई दिया। मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि वीडियो पोस्ट करने वाला जवान विकास कुमार है, जो कुदरा थाना में कार्यरत है।
सत्यापन के बाद एसपी ने इसे अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाला कृत्य मानते हुए संबंधित गृहरक्षक जवान के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया।
पुलिसकर्मियों को दिया स्पष्ट संदेश
लगातार की गई इन दोनों कार्रवाइयों से यह संकेत मिला है कि कैमूर पुलिस प्रशासन अनुशासन और पेशेवर आचरण को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। एसपी शिखर चौधरी ने कहा कि पुलिसकर्मियों से अपेक्षा है कि वे कानून का पालन कराने के साथ-साथ अपने व्यवहार और आचरण से भी जनता का विश्वास बनाए रखें। विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।