600 फीट ऊंची मुंडेश्वरी पहाड़ी का हवाई नजारा; कैमूर में जल्द मिलेगी हेलीकॉप्टर राइड, 13 को ट्रायल
कैमूर के मां मुंडेश्वरी धाम से हेली टूरिज्म सेवा शुरू करने की तैयारी है, जिसका ट्रायल 13 जुलाई को होगा। यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी और पर्यटक ...और पढ़ें

हेलीपैड का तेजी से चल रहा निर्माण। जागरण
जागरण संवाददाता, भभुआ। कैमूर जिले के प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
राज्य सरकार की योजना के तहत मुंडेश्वरी धर्मशाला परिसर में तैयार हैलीपैड का ट्रायल 13 जुलाई को किया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद तिथि निर्धारित कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए हेली टूरिज्म सेवा शुरू कर दी जाएगी।
इसके बाद पर्यटक हेलीकाॅप्टर के माध्यम से कैमूर पहाड़ी और आसपास के प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों का हवाई भ्रमण कर सकेंगे।
हेलीपैड का निर्माण पूरा
मुंडेश्वरी धाम परिसर में हैलीपैड का निर्माण कराया गया है। अब अंतिम चरण की तैयारियां चल रही हैं। ट्रायल के दौरान, हैलीपैड की गुणवत्ता, हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग, टेकआफ और सहित अन्य मानकों की जांच की जाएगी।
सभी मानक पूरे होने के बाद नियमित रूप से पर्यटकों के लिए सेवा शुरू करने की तैयारी है। हैली टूरिज्म सेवा शुरू होने के बाद पर्यटक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार विभिन्न पैकेजों में टिकट बुक करा सकेंगे।
इसके लिए ऑनलाइन और अधिकृत काउंटरों के माध्यम से अग्रिम बुकिंग की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। छोटे पैकेज में मुंडेश्वरी धाम और कैमूर पहाड़ी का हवाई चक्कर कराया जाएगा।
विस्तृत पैकेज में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक वनों का विहंगम दृश्य भी दिखाया जाएगा। मां मुंडेश्वरी धाम देश के सबसे प्राचीन जीवित मंदिरों में शामिल माना जाता है।
ऊंची पहाड़ी पर विराजमान हैं माता
लगभग 600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कैमूर पहाड़ी अपने घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य, घाटियों और ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती है।
हेलीकाॅप्टर से उड़ान के दौरान पर्यटक पहाड़ियों की हरियाली, वन क्षेत्र और प्राकृतिक दृश्यों का विहंगम नजारा देख सकेंगे।
स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह है। उनका मानना है कि हेली टूरिज्म शुरू होने से कैमूर की पहचान केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
भविष्य में यदि इस सेवा का विस्तार होता है तो कैमूर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इससे जोड़ा जा सकता है। पर्यटन विभाग द्वारा सेवा शुरू होने से पहले टिकट दर, यात्रा समय, सुरक्षा दिशा-निर्देश और विभिन्न पैकेजों की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।
कहती हैं बीडीओ
बिहार सरकार के निर्देशानुसार मुंडेश्वरी धाम परिसर में हैलीपैड का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका परीक्षण और टीम के द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद तिथि निर्धारित कर पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यटक अपने पैकेज के अनुसार टिकट बुकिंग करा सकेंगे।
अंकिता शेखर प्रखंड विकास पदाधिकारी भगवानपुरयह भी पढ़ें- हेलीकॉप्टर में घूमिए बिहार, 15 जुलाई से शुरू होगी सेवा; कितना होगा किराया? पढ़ें हर सवाल का जवाब