पीएम विश्वकर्मा योजना: पारंपरिक कारीगरों के लिए बनी वरदान, कैमूर में 228 लोगों को मिला बैंक लोन
कैमूर जिले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत जिले के 228 लोगों को विभिन् ...और पढ़ें
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HighLights
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना कैमूर के कारीगरों के लिए वरदान।
228 पारंपरिक शिल्पकारों को विभिन्न बैंकों से ऋण मिला।
योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देती, महिलाओं, SC/ST को लाभ।
जागरण संवाददाता, भभुआ। जिले में परंपरागत काम करने वाले कारीगरों एवं शिल्पकारों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना वरदान साबित हो रही है।
उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कृषि प्रधान कैमूर जिले में अपना परंपरागत काम करने वाले शिल्पकारों एवं कारीगरों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है, ताकि शिल्पकार व कारीगर अपने संबंधित कार्य को पूर्ण रूप प्रदान कर सके।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पूरी तरह से भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित है। जिले के 228 लोगों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य परंपरागत तरीके से काम करने वाले कारीगरों एवं शिल्पकारों को लाभ प्रदान करना है। जो स्वनियोजित है या अपने स्वयं के लघु उद्यम स्थापित करने की इच्छा रखते है। योजना में कारीगरों एवं शिल्पकारों को उनके संबंधित व्यवसायों के लिए पूर्ण रूप से सहायता प्रदान करना है।
साथ ही इस योजना को चरणवार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लागू करना है। योजना में मुख्य रूप से महिलाओं और अनुसूचित, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछडा़ वर्ग विशेष रूप से सक्षम, ट्रांसजेंडर से संबंधित लोगों को बढ़ावा देना है।
योजना में शामिल किए गए ट्रेड, उद्योग
कारपेंटर, बोट मेकर, आर्मरर, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राज मिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाडू, बुनकर, गुडिया और खिलौना निर्माता, नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी, मत्स्य पालन जाल निर्माता आदि शामिल हैं।
योजना के लिए पात्रता
वैसे व्यक्ति जो या तो स्व-रोजगार कर रहे हैं या अपना उद्यम स्थापित करने की इच्छा रखते है उनकी पंजीयन कराते समय उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। एक परिवार में केवल एक व्यक्ति योजना का लाभ पा सकते है। लाभार्थी और उनका परिवार किसी भी सरकारी सेवा में नहीं हो। केंद्र व राज्य की योजना का लाभ पाने लोग पात्र नहीं होंगे।
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कैसे प्रदान की जाती है ऋण सहायता
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को कोलैटरल फ्री उद्यम विकास ऋण के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है। लाभार्थी पांच- सात दिनों के बुनियादी प्रशिक्षण के पूरा होने पर पहले ऋण की किश्त के पात्र होंगे। पहली किश्त की राशि 18 माह में दूसरी किश्त की राशि 30 माह में अदा करनी होगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विश्वकर्मा योजना से बैंकों से उपलब्ध कराई सहायता का विवरण-
- बैंक आफ बडौदा- 4
- बैंक आफ इंडिया- 24
- केनरा बैंक -14
- सेंट्रल बैंक आफ इंडिया- 00
- डीबीजीबी बैंक- 1
- एचडीएफसी बैंक- 00
- आईसीआईसीआई- 00
- इंडियन बैंक-95
- पीएनबी बैंक-97
- एसबीआई -81
- यूनियन बैंक आफ इंडिया- 9
बैंकवार अग्रसारित किए गए आवेदनों की संख्या-
- बैंक आफ बडौदा-55
- बैंक आफ इंडिया-58
- केनरा बैंक -24
- सेंट्रल बैंक आफ इंडियां- 2
- डीबीजीबी बैंक- 8
- एचडीएफसी बैंक- 6
- आईसीआईसीआई- 1
- इंडियन बैंक-16
- पीएनबी बैंक- 307
- एसबीआई -163
- यूनियन बैंक आफ इंडियां- 32
जिला उद्योग की महाप्रबंधक ने बताया जिले में योजना लाभ देने के बैकों से त्रण राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया बैंकों को 672 आवेदनों को अग्रसारित किया गया। जिसमें से बैंकों के द्वारा 255 आवेदनों को स्वीकृत दी गई है। जबकि 228 को बैंकों के द्वारा भुगतान किया गया है।
दीप शिखा, प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र