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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Katihar: बिना एक्सेल नट के 18 किमी दौड़ती रही लोहित एक्सप्रेस, तेज आवाज हुई और यात्रियों में मच गई अफरा-तफरी

    By Rajeev ChoudharyEdited By: Prateek Jain
    Updated: Fri, 22 Sep 2023 08:40 PM (IST)

    Lohit express Accident Averted जम्मूतवी से गुवाहाटी की ओर जाने वाली लोहित एक्सप्रेस के बोगी संख्या दो जनरल कोच का एक पहिए के एक्सेल नट बोल्ट कटरिया स् ...और पढ़ें

    इसी जनरल कोच के पहिए के एक्सेल का खुला नट बोल्ट जागरण
    इसी जनरल कोच के पहिए के एक्सेल का खुला नट बोल्ट जागरण

    HighLights

    1. तीन घंटे तक कुरसेला स्टेशन पर खड़ी रही डाउन लोहित एक्सप्रेस
    2. तेज आवाज के साथ जनरल बोगी के एक पहिया का एक्‍सेल कवर खुला

    Lohit Express Train: संवाद सूत्र, कुरसेला (कटिहार)। जम्मूतवी से गुवाहाटी की ओर जाने वाली लोहित एक्सप्रेस के बोगी संख्या दो जनरल कोच का एक पहिए के एक्सेल नट बोल्ट कटरिया स्टेशन के समीप जोरदार आवाज के साथ खुल गया। पहिया का नट बोल्ट खुलने से ट्रेन हादसे का शिकार होने से बच गया।

    जोर की आवाज के साथ नट बोल्ट खुलने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। लोहित एक्सप्रेस करीब तीन घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। मरम्मत कार्य के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

    रेल कर्मचारी ने स्‍टेशन मास्‍टर को दी सूचना

    मिली जानकारी के मुताबिक, लोहित एक्सप्रेस के पहिए से जोरदार आवाज सुनकर कटरिया से रेल कर्मचारी ने  कुरसेला स्टेशन मास्टर को दूरभाष पर इसकी सूचना दी गई।

    एसएम गौरव सिंह ने लोहित एक्सप्रेस को एक नंबर प्लेटफॉर्म पर प्लेस कराया। घटना की सूचना वरीय रेल अधिकारियों को दी गई। घटना दोपहर करीब पौने दो बजे की है।

    ट्रेन में 1000 यात्री कर रहे थे सफर

    तेज बारिश के कारण बोगी में सवार यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही थी। कटिहार से पहुंची तकनीकी टीम द्वारा नट बोल्ट को दुरुस्त किया गया।

    इस कारण लोहित एक्सप्रेस करीब तीन घंटे तक कुरसेला स्टेशन पर खड़ी रही। स्टेशन मास्टर ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने से बड़ा हादसा होने से टल गया।

    सूचना समय पर नहीं मिलती तो बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता था। ट्रेन में 1000 यात्री सफर कर रहे थे। लगभग 18 किलोमीटर बिना एक्सेल नट के ट्रेन दौड़ती रही।

    बताया जा रहा है कि एक्सेल नट के खुल जाने के बाद वायरिंग के माध्यम से मोबिल लीक होकर आग लगने की संभावना बन सकती थी। बहुत बड़ा रेल हादसा कुरसेला स्टेशन पर टल गया। बता दें कि तीन माह पूर्व भी यह ट्रेन सूर्यकमल स्टेशन के समीप दुर्घटनाग्रस्त होने से बची थी।

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