यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Katihar News: डायरी प्रस्तुत नहीं करना दारोगा को पड़ा भारी, कोर्ट ने सैलरी को लेकर जारी कर दिया बड़ा आदेश
कटिहार में कोर्ट ने एक दरोगा के वेतन पर रोक लगा दी क्योंकि उन्होंने बार-बार मांगने पर भी केस डायरी नहीं भेजी। यह मामला कदवा थाना का है जहां एक व्यक्ति ...और पढ़ें

HighLights
- दरोगा ने नहीं भेजी डायरी
- कोर्ट ने वेतन पर लगाई रोक
संवाद सहयोगी, कटिहार। बार-बार कोर्ट के द्वारा डायरी मांगने पर नहीं देने के मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश द्वितीय सौरभ सिंह ने संबंधित अनुसंधानकर्ता के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
कदवा थाना अंतर्गत 11 अप्रैल 2025 को दिन के 3.15 बजे ग्राम केवैया के समीप मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जिनके पीठ पर एक बैग था। उसे शंका पर पकड़ा गया तथा तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग में 32 लीटर शराब बरामद की गई।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बलिया बैलोन थाना अंतर्गत बेनीजलाल पुर वार्ड नंबर 13 निवासी नकुल दास के रूप में हुई। 12 अप्रैल 2025 को कदवा थाना में उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विदित हो कि नकुल दास की ओर से संबंधित न्यायालय में जमानत आवेदन दाखिल की गई, जिस पर 23 अप्रैल 2025 को सुनवाई हुई तथा न्यायालय के द्वारा संबंधित केस डायरी की मांग संबंधित अनुसंधान करता से की गई। डायरी भेजने की तिथि 5 अप्रैल 2025 को तय की गई पर डायरी नहीं आई।
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फिर से डायरी के लिए 15 मई 2025 की तारीख निर्धारित की गई पर उस दिन भी डायरी नहीं आई तो अनुसंधानकर्ता को इस संबंध में स्पष्टीकरण भी पूछा गया। फिर से स्पष्टीकरण व डायरी की तारीख 28 मई 2025 को तय की गई, लेकिन अनुसंधानकर्ता राकेश कुमार यादव के द्वारा न तो स्पष्टीकरण दिया गया और न ही डायरी भेजी गई।
न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अगले आदेश तक उनके वेतन पर रोक लगाते हुए नकुल दास को प्रोविजनल जमानत पर मुक्त करने का आदेश दे दिया है।