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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Flood News: महानंदा नदी में समा गया प्राचीन मंदिर, अब आंगनबाड़ी पर मंडरा रहा खतरा; विकराल कटाव से मचा हड़कंप

    Updated: Thu, 08 Aug 2024 09:00 PM (IST)

    महानंदा नदी (Mahananda River) का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह से कई इलाकों में कटाव भी शुरू हो चुका है। आलम यह है कि लोगों का घर और जमीन महानंदा ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. आस्था का प्रतीक महानंदा में विलीन,अब नौनिहालों के भविष्य पर कटाव का खतरा
    2. आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 87 कटाव स्थल से महज कुछ ही मीटर दूर, मची अफरा-तफरी
    3. अधिकारियों ने कहा- नदी में जलस्तर बढ़ने से शुरू हुआ है कटाव, विभाग की बनी है नजर

    विनोद कुमार राय, आजमनगर (कटिहार)। आजमनगर के औलिया में महानंदा का कहर जारी है। महानंदा के द्वारा हो रहे कटाव की रोकथाम के लिए विभाग के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई कार्रवाई नही होने से धीरे धीरे कटाव विकराल रूप धारण कर रहा है।

    गुरुवार को ग्रामीणों के आस्था का केंद्र काली बाड़ी मंदिर भी महानंदा नदी में समा गई। ग्रामीण राजेंद्र मंडल, जयप्रकाश मंडल, मांगन मंडल आदि ने कहा कि मंदिर ग्रामीणों के आस्था का केंद्र था। जो महानंदा में हो रहे कटाव में समा गया।

    आंगनबाड़ी केंद्र पर कटाव का मंडरा रहा खतरा

    महानंदा की कटाव की जद में बच्चों का भविष्य है। गांव का आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 87 कटाव स्थल से महज कुछ हीं मीटर दूर है। अब इसके अस्तित्व पर ही खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जल्द अगर विभाग के द्वारा कोई कटावरोधी कार्य नही किया गया तो आंगनबाड़ी केंद्र भी कट जाएगा।

    औलिया गांव का अस्तित्व पर है खतरा

    सिंघौल पंचायत अंतर्गत औलिया गांव के अस्तित्व पर खतरा बरकरार है। रोजाना खेतिहर जमीन महानंदा काट कर ले जा रही है। साथ ही, कई परिवार का आशियाना भी इस कटाव की जद में आ चुका है, लेकिन विभाग बरसात खत्म होने की आस देख रहा हैं।

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    ग्रामीण लगातार इस कटाव से गांव के अस्तित्व को बचाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बाढ़ नियंत्रण विभाग अब तक इस कटाव को रोकने में नाकाम साबित हुआ है।

    औलिया में कटाव को देखते हुए बंबू पाइलिंग का कार्य कराया गया है।कटाव में कमी आई थी। जलस्तर बढ़ने के बाद फिर से कटाव आरंभ हुआ है। विभाग बरसात के बाद औलिया में जियो बैग पाइलिंग का कार्य कराने पर विचार कर रही है।-  अनिरुद्ध कुमार,कार्यपालक अभियंता,कटिहार

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