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    कटिहार में जिनके लिए बनना था चिल्ड्रेन पार्क, वो हो गए जवान...अब नई पीढ़ी को भी इंतजार 

    Updated: Mon, 09 Feb 2026 03:47 PM (IST)

    मनिहारी (कटिहार) में चिल्ड्रेन पार्क का सपना 10 साल बाद भी अधूरा है। 2016-17 में 82 लाख से अधिक का आवंटन हुआ था, लेकिन भूमि चयन और टेंडर प्रक्रिया के ...और पढ़ें

    कटिहार में चिल्ड्रेन पार्क का सपना अधूरा। फोटो एआई

    कटिहार में चिल्ड्रेन पार्क का सपना अधूरा। फोटो एआई

    HighLights

    1. मनिहारी चिल्ड्रेन पार्क परियोजना 10 साल से लंबित है।

    2. 2016-17 में 82 लाख से अधिक का आवंटन हुआ।

    3. टेंडर रद्द, अनुपयुक्त भूमि के कारण नया चयन जारी।

    संवाद सूत्र, मनिहारी (कटिहार)। जिन बच्चों ने पार्क में खेलने का सपना आंखों में सजाया था उनमें से अधिकांश किशोर उम्र पार करने की दहलीज, कई जवानी में प्रवेश कर गए पर चिल्ड्रेन पार्क का सपना अपना नहीं हो सका है।

    दस साल में पार्क बनाने की कवायद एक ईंट तक नहीं पहुंच सकी। अलबत्ता चार साल पूर्व इसकी संचिका व फाइल मोटी होकर जरूर सरकी थी, लेकिन फिर ठंडे बस्ते में चली गई। बड़ों के राजनीतिक पेंच में बच्चों का सपना अधूरा रह गया।

    दरअसल, सरकार व नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा मनिहारी नगर पंचायत को वित्तीय वर्ष 2016- 17 में चिल्ड्रेन पार्क बनाने के लिए प्रथम किस्त के रूप में 82 लाख 16 हजार 650 रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ। इसके बाद भूमि चयन का कार्य शुरू हुआ।

    कछुए की गति से चार से पांच साल में 2021 के आस पास भूमि का चयन बल्दियाबाड़ी में हुआ एवं एनओसी भी लिया गया। इसके बाद निर्माण के लिए वर्ष 2022 के शुरुआती महीने के आसपास में टेंडर निकाला गया।

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    अधीक्षण अभियंता नगर विकास अंचल पूर्णिया के पत्र द्वारा आमंत्रित निविदा में तकनीकी रूप से सफल एवं योग्य न्यूनतम निविदादाता को कार्य आवंटित किया गया। उस वक्त चिल्ड्रेन पार्क के निर्माण कार्य के लिए शिलान्यास को लेकर भी हल चल तेज हो गई थी।

    फिर बदले राजनीतिक परिदृश्य के बाद यह ठंडे बस्ते में चली गई। अब बताया जाता है कि वो टेंडर प्रक्रिया भी कैंसिल कर दिया गया है। पूर्व में चयनित व एनओसी प्राप्त भूमि को तकनीकी कारणों से पार्क के लिए अनुपयुक्त माना जा रहा है।

    एक बार पार्क के लिए भूमि की तलाश शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसी स्थिति में बच्चों का सपना कब पूरा होगा यह भविष्य की कोख में है।

    लोग व्यंग्य कर रहे कि शायद इन बच्चों के बच्चे पार्क में खेल पाएंगे। बता दें कि इस पार्क के निर्माण एक करोड़ चौदह लाख की लागत से होना था।

    इस संबंध में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि चिल्ड्रेन पार्क की संचिकाओं को देखा गया। पार्क की जो जमीन चिन्हित की गई थी, वो अनुपयुक्त मानते हुए पूर्व के निविदा को कैंसिल कर दिया गया है।

    पुनः इसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है। साथ ही इसे विकसित करने के लिए विस्तृत डीपीआर बनाकर पर्यटन विभाग को भेजा जा रहा है।