पैरों में हवाई चप्पल और नाव पर DM! कटिहार में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पानी में उतरे आशुतोष द्विवेदी
Katihar Flood DM Ashutosh Dwivedi: कटिहार में गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच, डीएम आशुतोष द्विवेदी ने बरारी ...और पढ़ें
HighLights
डीएम आशुतोष द्विवेदी ने बाढ़ प्रभावित बरारी का दौरा किया।
सामुदायिक रसोई और पॉलीथिन शीट वितरण शुरू हुआ।
नाव एंबुलेंस और नाव क्लीनिक से इलाज पहुंचेगा।
संवाद सूत्र, बरारी (कटिहार)। Katihar Flood DM Ashutosh Dwivedi: कटिहार जिले में गंगा और कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच रविवार को प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई। जिले के बरारी प्रखंड के सुदूर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी खुद पानी में उतर पड़े। पैरों में साधारण हवाई चप्पल और नाव पर सवार होकर डीएम प्रशासनिक अमले के साथ मोहना चांदपुर पंचायत अंतर्गत कुंडी और भवानीपुर गांव पहुंचे। वहां उन्होंने बाढ़ के पानी से घिरे पीड़ितों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
इससे पहले जिलाधिकारी दक्षिणी भंडारतल पंचायत के उचला पहुंचे, जहां बीते शुक्रवार को झड़की उपबांध टूटने के कारण बाढ़ की विकट स्थिति पैदा हो गई है। डीएम ने घटनास्थल पर उपबांध के कटाव और जलभराव का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर ढांढस बंधाया।
कम्युनिटी किचन और पॉलीथिन शीट वितरण शुरू
मौके पर स्थिति की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित मोहना चांदपुर और दक्षिणी भंडारतल में तत्काल प्रभाव से कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) की शुरुआत करा दी गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि तटबंधों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए विस्थापितों के अलावा गांवों में पानी से घिरे ऐसे सभी घरों तक भी भोजन पहुंचाया जाए, जहां चूल्हा जलना बंद हो चुका है। इसके साथ ही बेघर हुए परिवारों के लिए पॉलीथिन शीट का वितरण भी तेज कर दिया गया है।
गंगा और कोसी के उफान के बीच कटिहार डीएम आशुतोष द्विवेदी ने बरारी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों का लिया जायजा
पैरों में हवाई चप्पल पहन नाव के सहारे मोहना चांदपुर व दक्षिणी भंडारतल पहुंचे डीएम, पीड़ितों से सीधे किया संवाद
बाढ़ पीड़ितों के लिए कम्युनिटी किचन और पॉलीथिन शीट वितरण शुरू; नाव एंबुलेंस व नाव क्लीनिक से पहुंचेगा इलाज
तटबंधों पर चापाकल और शौचालय लगाने के निर्देश; संडे-मंडे देखे बिना निजी नावों का तत्काल निबंधन करने को कहा
पशुपालकों की समस्याओं को देखते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि मवेशियों के लिए पर्याप्त पशु चारा और पशु चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि बाढ़ के दौरान पशुधन को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
नाव एंबुलेंस, नाव क्लीनिक और निजी नावों का त्वरित निबंधन
जलजमाव वाले गांवों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में सरकारी नावें उतारी जा रही हैं। डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि संडे हो या मंडे, दिन की परवाह किए बिना निजी नावों के अनिवार्य निबंधन (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए, ताकि किसी भी गांव में नावों की कमी न रहे।
चिकित्सा सेवाओं को सुदूर इलाकों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने नवाचार करते हुए 'नाव एंबुलेंस' और 'नाव क्लीनिक' की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से डॉक्टर, एएनएम और स्वास्थ्यकर्मी पानी से पूरी तरह घिरे गांवों तक पहुंचकर जल जनित बीमारियों की रोकथाम और प्राथमिक उपचार सुनिश्चित करेंगे।
तटबंधों पर पेयजल और शौचालय के पुख्ता इंतजाम
तटबंधों पर अस्थायी रूप से रह रहे परिवारों की बुनियादी जरूरतों का ख्याल रखते हुए दक्षिणी भंडारतल में चार शौचालय और चापाकल स्थापित करा दिए गए हैं। वहीं मोहना चांदपुर पंचायत में स्वच्छ पेयजल और शौचालय की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की टीम को ग्राउंड पर मुस्तैद कर दिया गया है।
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