विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हर बच्चे पर एक गुरुजी! कटिहार के स्कूल में 6 विद्यार्थियों पर 6 शिक्षक; बच्चों के लिए शिक्षकों ने खुद सीखी संथाली

Published: Fri, 06 Nov 2026 01:28 PM (IST)

Katihar Budhia Tikar School 6 Students 6 Teachers: कटिहार के एक प्राथमिक विद्यालय में 6 बच्चों पर 6 शिक्षक तैनात ...और पढ़ें

Katihar Budhia Tikar School 6 Students 6 Teachers:

Katihar Budhia Tikar School 6 Students 6 Teachers: 

HighLights

  1. कटिहार के स्कूल में 6 बच्चों पर 6 शिक्षक।

  2. शिक्षकों ने आदिवासी बच्चों के लिए सीखी संथाली भाषा।

  3. अतिरिक्त शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया हुई शुरू।

जागरण संवाददाता, कटिहार। Katihar Budhia Tikar School 6 Students 6 Teachers: बिहार की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों के वितरण और शिक्षक नियोजन के विरोधाभास की एक हैरान करने वाली तस्वीर कटिहार जिले से सामने आई है। एक ओर जहां राज्य और जिले के कई सरकारी विद्यालय शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।

वहीं कटिहार सदर प्रखंड की भरेली पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय बुढ़िया टीकर में महज छह बच्चों की पढ़ाई के लिए छह शिक्षक पदस्थापित हैं। यानी यहां प्रत्येक विद्यार्थी के हिस्से में एक शिक्षक आता है। चार छात्राओं और दो छात्रों वाले इस विद्यालय की यह अनोखी स्थिति शिक्षा विभाग की शिक्षक तैनाती और रेशनलाइजेशन नीति पर सवाल खड़े कर रही है।

2007 में 50 थे बच्चे, पलायन और तकनीकी सख्ती से घटी संख्या

विद्यालय के कक्षावार आंकड़ों पर नजर डालें तो पहली, तीसरी और चौथी कक्षा में एक-एक, जबकि दूसरी कक्षा में दो बच्चे नामांकित हैं। वर्ष 2007 में स्थापित इस विद्यालय का अपना पक्का भवन और भूमि उपलब्ध है, जिसके चलते नियमानुसार इसे किसी नजदीकी विद्यालय में मर्ज (विलय) नहीं किया जा सका।

स्थापना के समय यहां 50 से अधिक बच्चे नामांकित थे, लेकिन समय के साथ बुढ़िया टीकर के अधिकांश परिवार करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर मनिया चौक के समीप जाकर बस गए। अब विद्यालय के पोषक क्षेत्र में महज पांच घर ही शेष बचे हैं।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवनीत कुंवर ने बताया कि पूर्व में बिना पुख्ता दस्तावेजों के भी दाखिला हो जाता था, लेकिन अब आधार और अपार आईडी (APAAR ID) अनिवार्य होने के बाद दोहरे नामांकन पूरी तरह बंद हो गए, जिससे छात्रों की वास्तविक संख्या घटकर छह रह गई।

संथाली भाषा सीखकर गुरुजी दे रहे शिक्षा

छात्र-शिक्षक अनुपात को लेकर भले ही व्यवस्था पर सवाल उठें, लेकिन इन शिक्षकों का अपने दायित्व के प्रति समर्पण मिसाल पेश करता है। विद्यालय में पढ़ने वाले सभी छह बच्चे आदिवासी (संथाल) समुदाय से हैं, जिन्हें सामान्य बोलचाल की हिंदी भाषा समझने में कठिनाई होती थी।

भाषाई खाई को पाटने के लिए शिक्षक भारतेंदु कुमार, शिक्षिका कुमारी नीतू और आपरीन बानो ने खुद संथाली भाषा सीखी और बच्चों को उनकी मातृभाषा में समझाना शुरू किया। विद्यालय के शेष तीन अन्य शिक्षक भी संथाली सीख रहे हैं, ताकि बच्चों को पढ़ाई में किसी तरह की असहजता न हो।

तीन शिक्षकों के तबादले की चल रही प्रक्रिया: डीईओ

विद्यालय में शिक्षकों के इस असामान्य अनुपात पर कटिहार के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राहुलचंद्र चौधरी ने बताया कि विभाग की जांच में विद्यालय के तीन शिक्षकों के नाम सरप्लस (अतिरिक्त) सूची में दर्ज किए गए हैं। छात्र संख्या के अनुपात को दुरुस्त करने के लिए इन शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस संबंध में शिक्षा विभाग मुख्यालय से आवश्यक दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।

यह भी पढ़ें- कटिहार में पनामा विल्ट ने बर्बाद की केले की खेती, थाईलैंड व चेन्नई के वैज्ञानिक पहुंचे, दिल्ली-नेपाल तक जाती थी फसल



देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।