कलेजे के टुकड़े को मौत के मुंह से तो खींच लाए, पर खुद काल के गाल में समा गए ताऊ और चाची; कटिहार में मातम
कटिहार के मनिहारी में एक हृदयविदारक घटना में, करंट की चपेट में आए 8 वर्षीय भतीजे को बचाते हुए उसके ताऊ और चाची की जान चली गई। इस दुखद हादसे के बाद अस् ...और पढ़ें

कटिहार मनिहारी के शेख फखरुद्दीन के घर पर हुआ हादसा।
HighLights
मनिहारी में 8 वर्षीय भतीजे को बचाते ताऊ-चाची की दर्दनाक मौत।
बिजली के तार से करंट लगने पर हुआ यह मार्मिक हादसा।
अस्पताल में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया।
संवाद सूत्र, मनिहारी (कटिहार)। कटिहार जिले के मनिहारी नगर पंचायत के पूरब टोला (वार्ड-10) में शनिवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। करंट की चपेट में आए अपने आठ वर्षीय मासूम भतीजे को मौत के मुंह से निकालने के प्रयास में उसके सगे बड़े पापा (ताऊ) और चाची ने अपनी जान कुर्बान कर दी।
मासूम भतीजे को बचाने में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
यह खौफनाक और मार्मिक हादसा मनिहारी के शेख फखरुद्दीन के घर में शनिवार को घटित हुआ, जहां खुशियां पल भर में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं।
खेल-खेल में छत पर गया बच्चा और आ गया मौत की जद में
फखरुद्दीन के सबसे छोटे बेटे दिलदार का आठ वर्षीय पुत्र समद घर की छत पर खेल रहा था, तभी वह वहां से गुजर रहे सर्विस बिजली तार की चपेट में आ गया।
तड़पते बच्चे को देख दौड़े बड़े पापा और चाची
मासूम समद को बिजली के तार से तड़पता देख उसे बचाने के लिए उसके बड़े पापा शेख नाजिर (42) और मंझली चाची जुबेदा खातून (35) बिना अपनी जान की परवाह किए आगे बढ़े।
भतीजा तो बच गया, पर दोनों रक्षकों की मौके पर ही मौत
दोनों ने बच्चे को तो करंट के चंगुल से सुरक्षित खींच निकाला, लेकिन इस निस्वार्थ प्रयास में वे खुद बिजली के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए और दोनों की मौत हो गई।
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अस्पताल में इलाज जारी, मौत की खबर से भड़का गुस्सा
गंभीर रूप से झुलसे बच्चे समद को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों वयस्कों को मृत घोषित कर मासूम का इलाज शुरू किया।
इलाज में लापरवाही का आरोप लगा अस्पताल में तोड़फोड़
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही और समय पर इलाज न देने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की।
डॉक्टरों का दावा: अस्पताल आने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
इधर, अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों का साफ कहना है कि करंट इतना जोरदार था कि दोनों पीड़ितों की मौत अस्पताल पहुंचने से काफी पहले ही हो चुकी थी।
डीएसपी और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
अस्पताल में बवाल की सूचना मिलते ही डीएसपी विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक पप्पू कुमार और थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
मार्मिक हादसा: कटिहार के मनिहारी में 8 साल के भतीजे समद को करंट से बचाते हुए उसके ताऊ शेख नाजिर और चाची जुबेदा खातून की दर्दनाक मौत हो गई।
अस्पताल में हंगामा: समय पर इलाज न मिलने का आरोप लगाकर परिजनों ने अनुमंडलीय अस्पताल में तोड़फोड़ की, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया।
लापरवाही पड़ी भारी: छत के फर्श पर कई जगह से कटे-फटे और टेप से जुड़े बिजली के सर्विस वायर से करंट फैलने के कारण यह भीषण हादसा हुआ।
सड़क जाम का प्रयास विफल, दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा टायर जलाकर सड़क जाम करने के प्रयास को नाकाम कर दिया। डीएसपी ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई होगी।
दिल्ली लौटने की तैयारी में जुटे थे बड़े पापा नाजिर
मृतक शेख नाजिर दिल्ली में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे मुहर्रम के त्योहार में सपरिवार घर आए थे और कुछ ही दिनों में वापस जाने वाले थे।
अनाथ हुए बच्चे और पत्नियों का रो-रोकर बुरा हाल
नाजिर की पत्नी संजीदा बेगम, पुत्र खुशहाल और बेटी रेशम का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मृतका जुबेदा खातून के पति शेख तौफीक और उनके दो बच्चे भी सदमे में हैं।
बिजली के खुले और टेप लगे तारों ने ली दो जिंदगी
हादसे की मुख्य वजह खतरों के प्रति बेपरवाही रही; फखरुद्दीन के घर की छत के फर्श से सटकर बिजली का तार महीन लोहे के सरिए और कच्चे टेप के सहारे बंधा हुआ था।
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची पुलिस की टीम
डीएसपी विनोद कुमार और थानाध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की, जहां छत पर कई जगहों से कटे और खुले हुए बिजली के तार पाए गए।