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    कटिहार में 300 दुकानें जलकर खाक: दुकानदार बोले- लगन के लिए कर्ज लेकर भरा था सामान, आंखों के सामने हुआ तबाह

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 09:31 AM (IST)

    कटिहार के कुरसेला हाट में रविवार शाम लगी भीषण आग से 300 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस हादसे में करीब 6-7 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है ...और पढ़ें

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    राजीव चौधरी, कटिहार। बिहार के कटिहार में रविवार शाम कुरसेला हाट में अचानक लगी भीषण आग से 300 से अधिक दुकानें जलकर स्वाहा हो गईं। इस हादसे में करीब 6 से 7 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है।

    इतने बड़े नुकसान के बाद स्थानीय दुकानदारों पर गहरा आर्थिक संकट मंडराने लगा है। कई दुकानदार ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर या बंधन बैंक समेत अन्य संस्थानों से लोन लेकर अपनी छोटी-छोटी दुकानें शुरू की थीं।

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    वे रोज की कमाई से परिवार का खर्च चलाने के साथ हर सप्ताह किस्त जमा करते थे। अब दुकानें जल जाने के बाद आय का एकमात्र साधन खत्म हो गया है।

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    ऐसे में साप्ताहिक लोन की किस्त चुकाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़ित दुकानदार प्रशासन से जल्द मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे है। ताकि वे दोबारा अपना रोजगार शुरू कर सकें।

    हर तरफ बर्बादी के निशां

    कुरसेला का नया हाट, चारों तरफ राख व गिरे पड़े मलबे, कहीं-कहीं राख से उठता धुआं और मायूस चेहरे के साथ ताकते लोग, अगलगी के बाद सोमवार को हर तरफ बर्बादी ही बर्बादी के निशा दिख रहे थे।

    कोई रो रहा था तो माथा पीट रहा था। कोई सिर झटक अपने आप को दिलासा देने की कोशिश कर रहा तो किसी के जुबान पर ताले पड़े थे।

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    जुबान बंद पर आंखें आंसूओं से भरे थे। यह तस्वीर कुरसेला के हाट में आम था। कुरसेला प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत शहर के बीचो-बीच हृदयस्थली में बसा हुआ दुर्गा हाट आग से पूरी तरीके से जमींदोज हो चुका है।

    अलग-अलग दुकान संचालित करने वाले दुकानदार किसी तरह आग के मलबों पर बैठकर अपने अरमानों को जलता हुआ देख रहे थे।

    लगन की खुशी मातम में बदली

    दुकानदार राजू भगत, मुन्ना गुप्ता, टिंकू साह, सनी जयसवाल, कुंदन शर्मा आदि ने बताया कि उनके आजीविका का एकमात्र साधन दुकान था। जिससे विगत कई वर्षों से उनका जीवन-यापन होता आया था।

    अब ना तो जीने का सहारा बचा है और ना ही आजीविका का साधन। निराश, हताश, मासूम चेहरे धुएं के गुबार के बीच अपने अरमानों को भी जलता हुआ देख अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे।

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    सोनू, अशोक साह, सुबोध कुमार साह, रंजीत चौधरी आदि ने बताया कि लगन शुरु होने वाला है। इसलिए कर्ज पर पैसा उठाकर दुकानों में सामान भरे थे। अब सब कुछ जलकर राख हो गया। नहीं पता कैसे कर्ज उतरेगा और कैसे परिवार जिएगा।

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    आग से साथ सारी योजनाएं जल गई। बताया जाता है कि यह हाट लगभग 20 किलोमीटर की परिधि के ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रमुख बाजार केंद्र है।

    पीड़ित दुकानदारों ने बयां किया दर्द

    आग लगने पर सामान बाहर निकाल रहे थे, लेकिन निकला हुआ सामान भी लोग उठा ले गए। करीब पांच लाख का नुकसान हुआ।- रंजीत चौधरी (कपड़ा कारोबारी)

    ग्रुप लोन लेकर दुकान चला रहा था। आग में करीब चार लाख का नुकसान हुआ। -सोनू कुमार (कपड़ा दुकानदार)

    एक-एक रुपया जोड़कर दुकान बनाई थी। आग ने सब खत्म कर दिया, लगभग पांच लाख का नुकसान हुआ। -मो. अजहर (कपड़ा दुकानदार)