मनिहारी से साहिबगंज के बीच बढ़ी दूरी, यात्रियों को लेना होगा भागलपुर वाला रूट; नौका-फेरी सेवा ठप
मनिहारी और साहिबगंज के बीच गंगा नदी पर नौका और फेरी सेवा बंद कर दी गई है। बंदोबस्तधारी द्वारा निर्धारित राशि जमा न करने और कागजी प्रक्रिया पूरी न होने ...और पढ़ें

मनिहारी से साहिबगंज के बीच बढ़ी दूरी, यात्रियों को लेना होगा भागलपुर वाला रूट

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संवाद सूत्र, मनिहारी (कटिहार)। मनिहारी से झारखंड के साहिबगंज की दूरी अब बढ़ गई है। गुरुवार से गंगा नदी पर फेरी सेवा के बाद अब नाव परिचालन भी बंद कर दिया गया है। इसके पीछे बंदोबस्तधारी द्वारा निर्धारित राशि नहीं जमा करने से परवाना निर्गत नहीं होना एवं कागजी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होना बताया जाता है।
सेवा पुन: शुरू नहीं होने तक लोगों को भागलपुर होकर सड़क मार्ग से साहिबगंज जाना पड़ेगा। गुरुवार को एसडीओ त्रिलोकीनाथ सिंह, थानाध्यक्ष पंकज आनंद दल बल के साथ मनिहारी गंगा घाट पहुंच पूरी स्थिति की जानकारी ली।
एसडीओ ने वहां मौजूद नाविक सहित संबंधित लोगों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिला से चौदह (नाव) घाट की बंदोबस्ती के बदोंबस्तधारी को परवाना सहित अन्य जरूरी कागजात दुरुस्त करने के बाद ही नाव का परिचालन सुनिश्चित होगा। वहीं, राजस्व अधिकारी रामसागर पासवान ने भी गंगा घाट पहुंच जायजा लिया।
गंगा घाट पर राजस्व कर्मी सहदेव दल बल के साथ मुस्तैद रह कर निगरानी में जुटे हुए हैं। चौदह घाट समूह के तहत यात्री नाव का परिचालन अचानक गुरुवार को बंद हो जाने से यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। यात्री पूर्णिया, कटिहार सहित अन्य जगहों से मनिहारी पहुंचे थे। यहां पहुंचते ही जैसे ही उन्हें मालूम हुआ नाव परिचालन किसी कारणवश बंद है उनमें मायूसी छा गई।
झारखंड की साहिबगंज की रहने वाली गंगोत्री देवी अपने स्वजनों की पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के अस्पताल से आंख बनाकर अपने घर साहिबगंज जाने के लिए मनिहारी घाट पहुंची थी, यहां आने पर उन्हें पता चला कि नाव बंद है।
पूर्णिया से आए एक बुजुर्ग हारून रसीद अपने एक रिश्तेदार की मृत्यु की सूचना पर अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए साहिबगंज जाने के लिए मनिहारी घाट पहुंचे थे। कटिहार स्थित अपनी बेटी के यहां से अपने घर साहिबगंज जिला के महादेवगंज जाने के लिए आई बुजुर्ग महिला बादामों मोसमात का भी वही हाल था।
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सुरापार के योगेश यादव भी बंगाल बरहमपुर रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। साहिबगंज के महादेवगंज के रामजी यादव का भी यही व्यथा थी। हालांकि, घाट के लेसी रवि ने जानकारी दी कि चौदह घाट समूह के डाक में उन्होंने भाग लिया था जिसके आलोक में उन्हें बंदोबस्ती लेने के लिए एडीएम कार्यालय से नोटिस आया था।
तीस मार्च को वो पहुंचे जहां सीओ मनिहारी भी थे। बताया कि वहां कुछ राशि जमा किया तथा शेष राशि जल्द जमा करने का आवेदन दिया। बैंक बंद होने के कारण दिक्कत हुई। इसी बीच प्रशासन ने फिलहाल नाव परिचालन पर रोक लगा दी है।
इस संबंध में एसडीओ त्रिलोकीनाथ सिंह ने कहा कि मनिहारी गंगा घाट का निरीक्षण किया गया तथा पूरी स्थिति की जानकारी ली गई। वित्तीय वर्ष के लिए चौदह घाट समूह के बंदोबस्तधारी को जिला से परवाना निर्गत होने तथा सभी जरूरी प्रक्रिया के पूर्ण होने तक नाव परिचालन बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
बताते चलें कि मनिहारी साहिबगंज गंगा नदी मार्ग में अंतरराज्यीय फेरी सेवा के इस वित्तीय वर्ष में परिचालन के लिए जिला प्रशासन कटिहार के निर्धारित डाक की तिथि को किसी डाकवक्ता के भाग नहीं लिया। जिस कारण फेरी सेवा वाले जहाजों का परिचालन बीते एक अप्रैल से बंद है।
दूसरी तरफ, चौदह घाट समूह की बंदोबस्ती की प्रक्रिया में बंदोबस्तधारी द्वारा तय निर्धारित राशि जमा नहीं किए जाने तथा कागजी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण परवाना निर्गत नहीं होने से यात्री नाव परिचालन भी बंद कर दिया गया है।