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    कोसी नदी पर बीरवास–कपसिया पीपा पुल फिर चालू, खगड़िया–मधेपुरा की सड़क कनेक्टिविटी बहाल

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 02:09 AM (IST)

    कोसी नदी पर बीरवास-कपसिया पीपा पुल रविवार को फिर से चालू हो गया है, जिससे खगड़िया और मधेपुरा के बीच सड़क संपर्क बहाल हो गया। तीन दिनों तक बंद रहने के ...और पढ़ें

    कोसी पर बीरवास–कपसिया पीपा पुल फिर चालू, खगड़िया–मधेपुरा की सड़क कनेक्टिविटी बहाल

    कोसी पर बीरवास–कपसिया पीपा पुल फिर चालू, खगड़िया–मधेपुरा की सड़क कनेक्टिविटी बहाल

    HighLights

    1. बीरवास-कपसिया पीपा पुल रविवार को फिर से चालू।

    2. खगड़िया-मधेपुरा सड़क संपर्क तीन दिन बाद बहाल।

    3. 15 जून के बाद बाढ़ के कारण फिर होगा बंद।

    जागरण संवाददाता, खगड़िया। खगड़िया और मधेपुरा के बीच एक बार फिर सड़क संपर्क बहाल हो गया है। कोसी नदी पर बीरवास–कपसिया घाट के बीच बने पीपा पुल पर रविवार दोपहर बाद से आवागमन शुरू कर दिया गया। पुल चालू होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले तीन दिनों से आवाजाही पूरी तरह बंद थी।

    इस मार्ग के बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ किसानों और छोटे व्यापारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब पुल शुरू होने से गोगरी सर्किल नंबर एक क्षेत्र का संपर्क मधेपुरा जिले से फिर से जुड़ गया है।

    जलस्तर बढ़ने से धंसा था एप्रोच पथ

    बताया जाता है कि बीते गुरुवार को कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बीरवास–कपसिया पीपा पुल के कपसिया छोर पर बना जेटी फाउंडेशन धंस गया था और पानी में डूब गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से इस पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया था।

    तीन दिनों तक बंद रहने के कारण लोगों को नाव और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ गए थे।

    मरम्मत के बाद फिर से शुरू हुआ संचालन

    मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद रविवार को पुल को दोबारा चालू कर दिया गया। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, कार्य प्रमंडल सहरसा के परियोजना अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण पीपा पुल का पाट बढ़ गया था।

    खबरें और भी

    उन्होंने बताया कि जेटी फाउंडेशन के पानी में डूब जाने के कारण आवागमन रोककर मरम्मत कार्य किया गया। इस दौरान अतिरिक्त दो पीपा जोड़कर संरचना को मजबूत किया गया। इसके बाद जेटी फाउंडेशन को जोड़कर एप्रोच पथ तैयार किया गया।

    जांच के बाद खोली गई बैरिकेडिंग

    अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पूरे पुल की तकनीकी जांच की गई। संतुष्टि मिलने पर रविवार दोपहर बाद आवागमन के लिए बैरिकेडिंग हटा दी गई और पुल को जनता के लिए खोल दिया गया।

    कपसिया की ओर पुल के आगे कोसी की धारा में पानी होने के कारण मिट्टी भराई कर रास्ता तैयार किया गया, ताकि वाहनों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

    तीन जिलों की कनेक्टिविटी बहाल

    पीपा पुल शुरू होने के बाद खगड़िया, मधेपुरा और भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड के लोगों की सड़क कनेक्टिविटी एक बार फिर बहाल हो गई है। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिली है, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

    15 जून के बाद फिर बंद होगा पुल

    हालांकि विभागीय जानकारी के अनुसार यह पीपा पुल 15 जून के बाद फिर से बंद कर दिया जाएगा। बाढ़ के दौरान कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए हर वर्ष इसे अस्थायी रूप से बंद किया जाता है।

    स्थानीय लोगों में खुशी

    पुल शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और किसानों में खुशी का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नाव के सहारे यात्रा करनी पड़ रही थी, जिससे काफी कठिनाई हो रही थी। अब पुल चालू होने से आवागमन सामान्य हो गया है और दैनिक जीवन फिर से पटरी पर लौट आया है।

    जागरण संवाददाता, खगड़िया। खगड़िया और मधेपुरा के बीच एक बार फिर सड़क संपर्क बहाल हो गया है। कोसी नदी पर बीरवास–कपसिया घाट के बीच बने पीपा पुल पर रविवार दोपहर बाद से आवागमन शुरू कर दिया गया। पुल चालू होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले तीन दिनों से आवाजाही पूरी तरह बंद थी।

    इस मार्ग के बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ किसानों और छोटे व्यापारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब पुल शुरू होने से गोगरी सर्किल नंबर एक क्षेत्र का संपर्क मधेपुरा जिले से फिर से जुड़ गया है।

    जलस्तर बढ़ने से धंसा था एप्रोच पथ

    बताया जाता है कि बीते गुरुवार को कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बीरवास–कपसिया पीपा पुल के कपसिया छोर पर बना जेटी फाउंडेशन धंस गया था और पानी में डूब गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से इस पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया था।

    तीन दिनों तक बंद रहने के कारण लोगों को नाव और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ गए थे।

    मरम्मत के बाद फिर से शुरू हुआ संचालन

    मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद रविवार को पुल को दोबारा चालू कर दिया गया। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, कार्य प्रमंडल सहरसा के परियोजना अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण पीपा पुल का पाट बढ़ गया था।

    उन्होंने बताया कि जेटी फाउंडेशन के पानी में डूब जाने के कारण आवागमन रोककर मरम्मत कार्य किया गया। इस दौरान अतिरिक्त दो पीपा जोड़कर संरचना को मजबूत किया गया। इसके बाद जेटी फाउंडेशन को जोड़कर एप्रोच पथ तैयार किया गया।

    जांच के बाद खोली गई बैरिकेडिंग

    अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पूरे पुल की तकनीकी जांच की गई। संतुष्टि मिलने पर रविवार दोपहर बाद आवागमन के लिए बैरिकेडिंग हटा दी गई और पुल को जनता के लिए खोल दिया गया।

    कपसिया की ओर पुल के आगे कोसी की धारा में पानी होने के कारण मिट्टी भराई कर रास्ता तैयार किया गया, ताकि वाहनों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

    तीन जिलों की कनेक्टिविटी बहाल

    पीपा पुल शुरू होने के बाद खगड़िया, मधेपुरा और भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड के लोगों की सड़क कनेक्टिविटी एक बार फिर बहाल हो गई है। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिली है, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

    15 जून के बाद फिर बंद होगा पुल

    हालांकि विभागीय जानकारी के अनुसार यह पीपा पुल 15 जून के बाद फिर से बंद कर दिया जाएगा। बाढ़ के दौरान कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए हर वर्ष इसे अस्थायी रूप से बंद किया जाता है।

    स्थानीय लोगों में खुशी

    पुल शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और किसानों में खुशी का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नाव के सहारे यात्रा करनी पड़ रही थी, जिससे काफी कठिनाई हो रही थी। अब पुल चालू होने से आवागमन सामान्य हो गया है और दैनिक जीवन फिर से पटरी पर लौट आया है।