यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar: पासवान फैमिली में बढ़ी टेंशन! चाचा पशुपति से तनातनी के बीच अपनी बड़ी मां से मिलेंगे चिराग
खगड़िया में पासवान परिवार के बीच विवाद तेज हो गया है। चिराग पासवान की बड़ी मां राज कुमारी देवी ने आरोप लगाया कि उनकी देवरानी शोभा देवी और सुनैना देवी ...और पढ़ें

HighLights
- चिराग पासवान की बड़ी मां ने अलौली थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उनके घर का सामान बाहर फेंकने का आरोप लगाया।
- 5 अप्रैल को चिराग पासवान पारिवारिक दौरे पर शहरबन्नी जाएंगे और अपनी बड़ी मां से मिलेंगे।
- इस दौरे को पारिवारिक संघर्ष के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। पासवान परिवार (केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस) के बीच घमासान मचा हुआ है।
चिराग पासवान की बड़ी मां राज कुमारी देवी ने बीते दिनों अलौली थाना में आवेदन देकर कहा कि उनकी देवरानी पशुपति कुमार पारस की पत्नी शोभा देवी और स्व. रामचंद्र पासवान की पत्नी सुनैना देवी ने उनके शहरबन्नी स्थित आवास पर कमरों में ताला जड़ दिया और उनके सामानों को बाहर फेंक दिया।
आवेदन के आलोक में अलौली थाना में एफआईआर दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है। इधर, चिराग गुट और पारस गुट की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है।
5 अप्रैल को शहरबन्नी आएंगे चिराग, बड़ी मां से करेंगे मुलाकात
इस बयानबाजी के बीच भारत सरकार के मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान पांच अप्रैल को शहरबन्नी आ रहे हैं। यह दौरा पारिवारिक बताया गया है। इस दौरान वे अपनी बड़ी मां राज कुमारी देवी से मुलाकात करेंगे और उनका हाल-चाल जानेंगे।
खगड़िया लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष शिवराज यादव ने बताया कि चिराग पासवान पांच अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे श्रीकृष्णपुरी, पटना से सड़क मार्ग द्वारा खगड़िया के लिए रवाना होंगे। वे 3:45 बजे अलौली के शहरबन्नी गांव पहुंचेंगे। वहां एक घंटे रहकर 4.45 बजे संध्या पटना के लिए सड़क मार्ग से प्रस्थान करेंगे।
'चिराग का दौरा पूरी तरह से पारिवारिक'
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खगड़िया जिला अध्यक्ष शिवराज यादव ने कहा कि चिराग पासवान का यह दौरा पूरी तरह से पारिवारिक है, लेकिन वे इस दौरान गांव के लोगों से भी मिलेंगे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दौरे का सियासी महत्व भी हो सकता है। रालोजपा सुप्रीमो पशुपति पारस और लोजपा (रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान के बीच पारिवारिक और राजनीतिक तनातनी के बीच यह दौरा नए संकेत दे सकता है।