घर से मिली शराब, कछुआ और लग्जरी गाड़ियां; जेल भेजा गया बिहार का फर्जी IAS मनीष गुप्ता
फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता। (जागरण)
HighLights
फर्जी आईएएस मनीष गुप्ता न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
छापेमारी में जानवरों के अंग, शराब, कछुआ बरामद।
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा, कई राज खुलने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता को पूछताछ बाद सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसकी अकूत संपत्ति के बारे में गहन जांच को लेकर दायरा बढाया गया है।
मामले में पुलिस द्वारा उत्पाद अधिनियम समेत अन्य मामलों में दो केस दर्ज किया गया है। एसपी भानू प्रताप सिंह के निर्देश पर गठित टीम में शामिल गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार थानाध्यक्ष अरविंद कुमार डीआईयू टीम द्वारा फर्जी आईएएस के घर की गई छापेमारी के दौरान चौकाने वाले मामले सामने आए।
जानवरों के अंग समेत स्वीमिंग पुल में कछुआ के साथ ही कई लीटर विदेशी शराब, दो लग्जरी वाहन एडीएम कार्ड डेबिट कार्ड से लेकर चेक बुक बरामद किए गए पांच मोबाइलों समेत लैपटॉप भी बरामद किया गया।

टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान अकूत संपत्ति के बारे में फर्जी आईएएस बताते रहा कि विदेश में रह रहे उसके भाई ने उसे इतनी संपत्ति दिया है।
दिल्ली से लेकर अन्य शहरों में भी उसके भाई ने उसे संपत्ति दिया है। जाचं में जुटी पुलिस टीम आश्चर्यचकित है कि कोई भाई अपने भाई के नाम से इतनी अकूत संपत्ति कैसे दे दिया।
इस रहस्य पर से पर्दा गहन जांच बाद ही स्पष्ट हो सकेबा। पुलिस टीम का यह भी मामना है कि इतनी अकूत संपत्ति हासिल होने के बाद क्या उतनी संपत्ति का इनकम टैक्स दिए जा रहे हैं अथवा नहीं।
मोबाइल और लैपटॉप खोलेगा राज
पुलिस सूत्रों का मानना है कि बरामद मोबाइल और लैपटॉप महत्वपूर्ण राज को खोलेगा। अदालत से अनुमति मिलने बाद लॉक को ओपेन किया जाएगा तब गहन जांच में बहुत कुछ साक्ष्स मिलने की संभावना है।
सूत्र का कहना हुआ कि इस अवैध धंधे में फर्जी आईएएस के स्वजनों के फंसने की संभावना भी प्रबल है। वहीं, कई ताकतवर और सफेदपोशों के घेरे में आने से इनकार करना मुनासिब नहीं होगा। इसके अलावा करोड़ों का मकान वाहन के अलावा कहां-कहां उसकी संपत्ति है जो ठगी के बल पर अर्जित किया है उसपर से भी पर्दा उटाने में सहूलियत होगी।
बहरहाल पुलिस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है, ऐसे फर्जी आईएएस को संरक्षण देने बढावा देने में कई ताकतवर लोग भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। वन विभाग के अधिकारी भी जांच को लेकर गंभीर बताए जा रहे हैं।
एसपी भानू प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई कार्रवाई को लेकर आमलोगों में चर्चा आम है कि शातिर चाहे कितना ही चालाक हो उसे कानूनी घेरे में लाने में कोई हिचक नहीं है।
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