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    बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा: राजमाला होटल से खुला राज, यहां ठहरे थे भोजपुर के शातिर सेटर

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 01:28 PM (IST)

    खगड़िया पुलिस ने बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में सक्रिय सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। राजमाला होटल में छापेमारी कर तीन सेटरों सहित कुल ...और पढ़ें

    परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गेंग के सदस्य व सॉल्वर गेंग से जुड़े परीक्षार्थी। सौजन्य- जिला पुलिस

    परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गेंग के सदस्य व सॉल्वर गेंग से जुड़े परीक्षार्थी। सौजन्य- जिला पुलिस

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    जागरण संवाददाता, खगड़िया। बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गेंग द्वार सेटिंग कर पास कराने का भेद परमानंदपुर स्थित राजमाला होटल में की गई कार्रवाई के दौरान खुला। यह होटल खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र में स्थित है।

    एसपी भानु प्रताप सिंह को सूचना मिली थी कि परीक्षा को लेकर सॉल्वर गैंग सक्रिय है और कई होटलों में गैंग के लोग ठहरे हुए हैं। एसपी द्वारा एसडीपीओ वन मुकुल रंजन व साइबर डीएसपी निशांत गौरव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जिसमें अन्य पुलिस अधिकारी भी शामिल किए गए।

    इनमें नगर थानाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता, चित्रगुप्तनगर थानाध्यक्ष नवीन कुमार प्रमुख हैं। टीम द्वारा परमानंदपुर स्थित राजमाला होटल के कमरा नंबर- 204 में दबिश दी गई और वहां से तीन सेटरों को हिरासत में लिया गया। तीनों भोजपुर जिले के थे।

    भोजपुर जिले के बबुआ थाना अंतर्गत बबुआ गांव के उदय कुमार, बबुआ के ही मनीष कुमार और वीरू कुमार ने टीम द्वारा पूछताछ में कबूल किया कि छह-छह लाख में परीक्षा पास कराने को लेकर सेटिंग करते हैं।

    उदय ने टीम को बताया कि मेरा सेटिंग चंदन से हुआ है। प्रीतम ने सेटिंग करवाया है। कई अन्य का भी वह सेटिंग करवाया है। उसने यह भी बताया कि अभी वह महिला कॉलेज के समीप है, वहां जाने पर वह पकड़ा जाएगा। टीम द्वारा होटल से कई सामान और वाहन भी जब्त किए गए।

    टीम ने त्वरित कार्रवाई की और प्रीतम को महिला कॉलेज के समीप से दबोच लिया गया। कई के पास से ब्लैंक चेक, परीक्षा की एडमिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि अरविंद के घर राजेंद्रनगर के पास कई सेंटर है।

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    टीम द्वारा त्वरित गति से अरविंद के घर के समीप दबिश दी गई, जहां से प्रवीण, अरविंद और सुजीत को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि प्रश्न का उत्तर प्रेमजीत देता है। केंद्र पर जो जैमर चलाता है, उसी के माध्यम से हमलोग उत्तर क्लास में भेजते हैं।

    सामने आया कि सूर्य मंदिर के समीप एसएम हास्पिटल है, जहां प्रेमजीत होगा। टीम ने वहां दबिश दी और प्रेमजीत को दबोच लिया। उसने बताया कि संजीव पांडेय का उसने सेटिंग करवाया है। पुलिस पूछताछ में अरविंद ने बताया कि सुजीत, प्रवीण और प्रेमजीत से मिलकर परीक्षाओं में पैसे लेकर वह सेटिंग करवाता है।

    अरविंद पेशे से सरकारी शिक्षक है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि काम हो जाने यानि सही तरीके से परीक्षा हो जाने पर सेटरों को तय की गई रकम मिल जाती।

    सॉल्वर गैंग, फर्जी परीक्षार्थी और स्थानीय सेटरों ने एक तरह से मजबूत जाल बुन लिया था। जिसे यह कहीं से भी आशंका नहीं थी कि इसकी भनक किसी को मिलेगी। मगर एसपी भानु प्रताप सिंह के मोनेटरिंग में इतने बड़े गैंग का पर्दाफाश हो गया और खगड़िया पुलिस को इतनी बड़ी सफलता हाथ लग गई।

    पूरे प्रकरण में यह बात भी सामने आई कि केंद्राधीक्षक और शिक्षक भी इस अवैध धंधे में शामिल पाए गए। जबकि केंद्राधीक्षक को परीक्षा केंद्र पर बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    बहरहाल, गठित टीम द्वारा सूझ-बूझ के साथ की गई कार्रवाई से यह सफलता हाथ लगी। इधर, एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सभी पर केस दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रकिया अपनाई जा रही है। शेष आरोपितों की भी शीघ्र गिरफ्तारी होगी।

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