RO से SDM बने बिहार के शिवम शर्मा, 70वीं BPSC में टॉप रैंक लाने के लिए पढ़ाई और टाइम मैनेजमेंट पर था खास फोकस
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के शिवम शर्मा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में एसडीएम पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। यह उनकी दूसरी बड़ी सफलता है, इ ...और पढ़ें

खगड़िया के शिवम शर्मा ने 70वीं BPSC में लहराया परचम, बने SDM, इलाके में जश्न का माहौल; माता-पिता भी हैं क्लास वन अफसर
HighLights
शिवम शर्मा 70वीं बीपीएससी में एसडीएम पद पर चयनित।
पहले 69वीं बीपीएससी में राजस्व अधिकारी के रूप में कार्यरत।
कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से मिली सफलता।
संवाद सूत्र, परबत्ता (खगड़िया)। बिहार के खगड़िया जिला अंतर्गत परबत्ता प्रखंड के तेमथा करारी पंचायत अंतर्गत सिराजपुर गांव के होनहार युवा शिवम शर्मा ने 70वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर न केवल परबत्ता, बल्कि पूरे खगड़िया जिले का नाम रोशन किया है। शिवम की इस बड़ी ऐतिहासिक कामयाबी से उनके पैतृक गांव सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल देखा जा रहा है।
पहले से राजस्व पदाधिकारी हैं शिवम
शिवम शर्मा की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इससे ठीक पहले 69वीं बीपीएससी परीक्षा में भी सफल हुए थे। उस समय उनका चयन राजस्व पदाधिकारी (RO) के पद पर हुआ था और वे वर्तमान में खुशरूपुर (पटना) में कार्यरत हैं। अपनी नौकरी के व्यस्त शेड्यूल के बावजूद लगातार दूसरी बार इतनी बड़ी सफलता पाना उनकी कड़ी मेहनत और असाधारण मेधा को दर्शाता है।
माता-पिता भी उच्च पदों पर कार्यरत
शिवम का पारिवारिक बैकग्राउंड भी काफी मजबूत और शिक्षित रहा है। उनके पिता डॉ. राजीव रंजन चौधरी बिहार सरकार के पशुपालन विभाग में संयुक्त निदेशक (Joint Director) के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, उनकी माता प्रो. (डॉ.) सुषमा पटना सिटी स्थित प्रसिद्ध आर.पी. महिला कॉलेज के संस्कृत विभाग में प्राध्यापक (प्रोफेसर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मुखिया का परिवार
प्रशासनिक सेवा में आए शिवम शर्मा सिराजपुर के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे स्वर्गीय रमानंद शर्मा के पौत्र तथा इलाके के पूर्व मुखिया स्वर्गीय रामलखन चौधरी के प्रपौत्र हैं। शिवम की बड़ी बहन भी बेहद प्रतिभावान हैं, जिन्होंने साल 2009 में देश की सबसे कठिन आईआईटी जेईई (IIT JEE) परीक्षा पास की थी और वर्तमान में अमेरिका में कार्यरत हैं।
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क्षेत्र के युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
शिवम की इस दोहरी सफलता पर सिराजपुर, तेमथा एवं आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने बधाई दी है। बधाई देने वालों का कहना है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिवम की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। पूर्व मुखिया पवन कुमार चौधरी ने विश्वास जताया कि शिवम एक कुशल, ईमानदार और जनहितैषी अधिकारी साबित होंगे।
कड़ी मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता
इधर, शिवम के परिजनों ने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत, अनुशासन, परिवार के अटूट सहयोग और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। शिवम शर्मा की इस शानदार उपलब्धि ने डिजिटल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं और यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और लगन से हर बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।