यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Khagaria News: खगड़िया में पाई जाती है सांप की तीन खतरनाक प्रजाति, लोगों की ले रहा जान; अब वन विभाग रख रहा निगरानी
Khagaria News खगड़िया में सांप की सर्वाधिक तीन खतरनाक प्रजाति पाई जाती है। इनमें एशिया का सर्वाधिक खतरनाक सांप रसेल वाइपर भी है। यह सांप पहले नहीं पाय ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, खगड़िया। Khagaria News: खगड़िया में सांप की सर्वाधिक तीन खतरनाक प्रजाति पाई जाती है। इनमें एशिया का सर्वाधिक खतरनाक सांप रसेल वाइपर भी है। यह सांप पहले नहीं पाया जाता था। 2017-18 की गंगा की बाढ़ के बाद यह यहां दिखने लगा। अब गंगा किनारे खासकर परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में बहुतायत में यह दिख रहा है। रसेल वाइपर को स्थानीय लोग प्राय: अजगर का बच्चा समझ बैठते हैं। क्योंकि इससे इसकी आकृति-प्रकृति मिलती-जुलती है।
प्राइवेट स्नेक रेस्क्यूवर गौतम कुमार कहते हैं- रसेल वाइपर अंडा नहीं देती है। यह एक बार में 20 तक बच्चा देती है। इसके साथ ही कामन करैत(घोड़ करैत) और कोबरा(गेहुमन-अधसरा) भी खूब पाए जाते हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि सरकारी अस्पतालों में सर्प दंश की दवाई पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। परंतु कई बार सर्प दंश के शिकार लोग को अस्पताल लाते-लाते बहुत देर हो जाती है। जिससे सर्प दंश के शिकार हुए लोग की जान भी चली जाती है।
खगड़िया जिला में रसेल वाइपर समेत कामन करैत और कोबारा भी पाए जाते हैं। सबसे अच्छी बात हाल के दिनों में यह देखने को मिली है कि यहां के लोग सांप को मारते नहीं हैं। वे सांप पाए जाने पर इसकी सूचना विभाग को देते हैं। फिर हमलोग रेस्क्यू कर सांप को सुरक्षित स्थान पर छोड़ देते हैंं।
राजकुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, खगड़िया।
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