यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Women Day 2025: बिहार में बेटियां लहरा रहीं परचम, शिक्षा से लेकर खेल के मैदान तक अपने हुनर का बजाया डंका
हर साल 8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day 2025) मनाया जाता है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रह ...और पढ़ें

HighLights
- शिक्षा के मंदिर से खेल के मैदान तक बेटियां भर रही उड़ान
- तनिष्क रणधीर और परिणीता ने बैडमिंटन में बनाई अलग पहचान
जागरण संवाददाता, खगड़िया। अब पुरानी धारणा बदल रही हैं। बेटियां बोझ नहीं, बल्कि लक्ष्मी कही जाती हैं। जिले की बेटियां लगातार एक से बढ़कर एक सफलताओं के झंडे गाड़ रहीं हैं। बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि वह बेटों से कम नहीं है।
शिक्षा के मंदिर से खेल के मैदान तक बेटियां सफलता की उड़ान भर रही है। साहित्य के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक पुरस्कारों की झड़ी लगाने वाली स्वराक्षी स्वरा नित्य नए रचनाओं से जिले का मान बढ़ा रही है। वहीं, रग्बी के मैदान में कविता ने कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल कर कृतिमान स्थापित किया है।
हॉकी की स्टिक पर गेंद को नाचने वाली नवनीत कौर कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। तनिष्क रणधीर और परिणीता रणधीर, दोनों बहनों ने बैडमिंटन में एक अलग पहचान बनाई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अनुभूति मैडम किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
नवनीत कौर ने खगड़िया को दिलाई पहचान

नवनीत कौर।
दिल को छूती हैं स्वराक्षी स्वरा की कविताएं
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स्वराक्षी स्वरा।
जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाती हैं अनुभूति मैडम

अनुभूति मैडम।
बैडमिंटन में सगी बहनें तनिष्का और परिणीता रच रही हैं इतिहास

परिणीता रणधीर।

तनिष्का रणधीर।
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