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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: ओवैसी को बिहार में झटका, दर्जनों नेताओं ने दिया इस्तीफा; सामने आई चौंकाने वाली वजह

    By Chandra SinghEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Thu, 01 May 2025 10:21 PM (IST)

    बिहार में चुनावों से पहले ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को बड़ा झटका लगा है। दर्जनों नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया जिसका मुख्य कारण पूर्व कांग्रेसी ...और पढ़ें

    ओवैसी को बिहार में झटका, दर्जनों नेताओं ने दिया इस्तीफा (फाइल फोटो)
    ओवैसी को बिहार में झटका, दर्जनों नेताओं ने दिया इस्तीफा (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. दर्जनों AIMIM नेताओं का इस्तीफा
    2. तौसीफ आलम की एंट्री से नाराजगी
    3. कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

    संवाद सूत्र, बहादुरगंज (किशनगंज)। बिहार विधानसभा चुनाव (2025) से पहले असदुद्दीन ओवैसी को बड़ा झटका लगा है। बिहार में चुनाव लड़ने की एलान कर चुकी ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम बैकफुट पर आ गई है। दर्जनों नेताओं ने एक झटके में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसकी वजह भी चौंकाने वाली है।

    AIMIM पार्टी में पूर्व कांग्रेस के विधायक तौसीफ आलम के आने के साथ बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। युवा नेता मासूम रेजा के अगुवाई में नाराज चल रहे पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक बहादुरगंज में आयोजित की गई।

    कार्यकर्ताओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप

    यहां पार्टी नेतृत्व पर जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पूर्व कांग्रेस के विधायक तौसीफ आलम को पार्टी में लिए जाने का सख्त विरोध किया। साथ ही इस्तीफा दिया।

    कार्यकर्ताओं को नहीं दी जा रही अहमियत

    नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि शुरू से ही पार्टी संगठन को मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अहमियत नहीं दी जा रही है। मासूम रेजा कठिन दौर में भी संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे।

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    जब संगठन मजबूत स्थिति में आ गई तो अब पार्टी नेतृत्व पूर्व विधायक तौसीफ आलम को पार्टी में लेकर विधानसभा चुनाव लड़वाना चाहती है।

    बेहतर होता पहले उन्हें पांच साल पार्टी संगठन में काम करने देते, फिर विधानसभा का टिकट देते। ऐसे में कोई भी धन बल के आधार पर कभी भी पार्टी का टिकट ले लेगा तो फिर जमीन से जुड़कर संगठन को मजबूत करने वाले पार्टी कार्यकर्ता कहां जाएंगे।

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