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    बिहार में ई-शिक्षाकोष पर फर्जीवाड़ा, स्कूल से 1097 KM दूर गुरुजी ने बना ली हाजिरी; 5 शिक्षकों के जवाब में हैं कई सवाल

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 06:04 PM (IST)

    बिहार के सरकारी स्कूलों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ठाकुरगंज में 1000 किलोमीटर से अधिक द ...और पढ़ें

    बिहार में ऑनलाइन हाजिरी का झांसा देकर गायब रहने वाले 5 शिक्षकों पर गिरी गाज।

    बिहार में ऑनलाइन हाजिरी का झांसा देकर गायब रहने वाले 5 शिक्षकों पर गिरी गाज।

    HighLights

    1. ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी में फर्जीवाड़ा।

    2. ठाकुरगंज में 1000 किमी दूर से हाजिरी लगाने वाले शिक्षक।

    3. 5 शिक्षक और एक प्रधानाध्यापक तत्काल प्रभाव से निलंबित।

    संवाद सूत्र, ठाकुरगंज (किशनगंज)। बिहार के सरकारी स्कूलों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। डिजिटल हाजिरी प्रणाली में सेंधमारी की इस गंभीर अनियमितता पर शिक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़क कार्रवाई करते हुए ठाकुरगंज प्रखंड के पांच शिक्षकों सहित प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    समीक्षा में पाया गया कि इन चालाक शिक्षकों ने अपने मूल विद्यालय से 100 किलोमीटर से लेकर 1000 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर मौज उड़ाते हुए भी पोर्टल पर 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज कर दिया था।

    डीईओ नासिर हुसैन के कड़े आदेश से मचा हड़कंप

    जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) नासिर हुसैन के सीधे आदेश पर की गई इस ताबड़तोड़ विभागीय कार्रवाई से पूरे जिले के शिक्षा महकमे और फर्जीवाड़ा करने वाले गुरुजियों में हड़कंप मच गया है।

    विभाग ने इस कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता, कार्य के प्रति घोर लापरवाही तथा मासूम विद्यार्थियों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ मानते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीईओ कार्यालय ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नीतीश सरकार की इस महत्वाकांक्षी डिजिटल उपस्थिति प्रणाली में किसी भी प्रकार की मैन्युपुलेशन या गड़बड़ी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    1097 किलोमीटर दूर रहकर बना ली ऑनलाइन हाजिरी

    कार्यालय से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) द्वारा बीते 14 मई 2026 को ई-शिक्षाकोष पोर्टल के आंकड़ों की बेहद बारीक और विस्तृत समीक्षा की गई थी। इस डिजिटल जांच में कई शिक्षकों की लोकेशन और उपस्थिति पूरी तरह संदिग्ध पाई गई, जिसमें सबसे हैरान करने वाला मामला मध्य विद्यालय भोगडाबर के विशिष्ट शिक्षक मो. नाहिद रजा का निकला।

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    पोर्टल के सैटेलाइट आंकड़ों से पता चला कि मो. नाहिद रजा ने विद्यालय से लगभग 1097 किलोमीटर दूर (बिहार से बाहर) रहते हुए भी चालाकी से ऐप पर 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज कर सरकारी वेतन उठा लिया था।

    सस्पेंड होने वाले दागी शिक्षकों की पूरी लिस्ट देखें

    विभाग ने इसे प्रथम दृष्टया सीधे तौर पर धोखाधड़ी और फर्जी उपस्थिति मानते हुए आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया। ठाकुरगंज के जिन अन्य शिक्षकों पर यह गाज गिरी है, उनकी सूची भी जारी की गई है।

    इनमें मध्य विद्यालय भोगडाबर के मो. नाहिद रजा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय डांगीबस्ती की सोनम राय और नया प्राथमिक विद्यालय गिधिन गोला पासवान टोला के विशिष्ट शिक्षक प्रवीण कुमार शामिल हैं। इनके अलावा नियमों की अनदेखी करने वाले उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुराघाटी के प्रधानाध्यापक महबूब आलम तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचोंदी के विद्यालय अध्यापक लोकेश कुमार को भी सस्पेंड किया गया है।

    आरोप-पत्र गठित, अब विभागीय जांच का सामना

    कार्यालय आदेश में साफ कहा गया है कि इन शिक्षकों द्वारा विद्यालय से अत्यधिक दूरी पर रहते हुए फर्जी तरीके से हाजिरी बनाना बिहार के सेवा नियमों और विभागीय अनुशासन का सबसे गंभीर उल्लंघन है। ऐसे कृत्य से न केवल सरकार को वित्तीय चपत लगती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययनरत गरीब बच्चों की शिक्षा भी पूरी तरह से भगवान भरोसे होकर प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है।

    इसलिए बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2024 के तहत सभी के विरुद्ध कड़ा आरोप-पत्र गठित कर नियमित विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, तथा निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय बदल दिया गया है।