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    Bihar Panchayat Election: विधानसभा खत्म, अब पंचायत की जंग शुरू; किशनगंज में चौक चौराहों पर चर्चा तेज

    Updated: Thu, 27 Nov 2025 05:30 AM (IST)

    बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव की चर्चा जोरों पर है। किशनगंज जिले के चौक-चौराहों पर संभावित उम्मीदवारों और उनकी दावेदारी को लेकर बाते ...और पढ़ें

    विधानसभा चुनाव समाप्ति के साथ ही अगले वर्ष होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा शुरू

    विधानसभा चुनाव समाप्ति के साथ ही अगले वर्ष होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा शुरू

    HighLights

    1. पंचायत चुनाव की चर्चा तेज

    2. किशनगंज में चुनावी सुगबुगाहट

    3. उम्मीदवारों की गतिविधियां तेज

    संवाद सूत्र, बहादुरगंज (किशनगंज)। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की चर्चा तेज हो गई है। चौक चौहराओ में एक ओर जहां संभावित प्रत्याशी चुनावी चर्चा करने में जुटे है। वही पंचायती राज विभाग भी अपने स्तर से प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 के अंत तक कराए जाने की संभावना है। जमीनी स्तर पर क्षेत्र का सर्वागीण विकास पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए कार्यो पर अधिक निर्भर है।

    ऐसे में बिहार में पंचायत चुनाव बेहद महत्वपूर्ण व प्रभावशाली माने जाते हैं। क्योंकि गांव की सत्ता का आधार मुखिया, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य वार्ड व पंच सदस्यों पर टिका है।

    यही कारण है विधानसभा चुनाव के बाद ही संभावित प्रत्याशी अभी से पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा करना शुरू कर दिए हैं। बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 और पंचायत निर्वाचन नियमावली के अनुसार, प्रत्येक 10वर्षो में आरक्षण रोस्टर बदला जाता है। ऐसे में इस बार पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर में बदलाव की संभावना है।

    2026 में होने वाला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अलग अलग पदों के आरक्षण वर्ग में बदलाव हो सकता है। इसमें महिला, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति एवं सामान्य श्रेणी के आरक्षण में फेरबदल होने की संभावना है।

    यही कारण है कि पिछले आरक्षण के मद्देनजर संभावनाओ के आधार पर संभावित प्रत्याशी क्षेत्र में चर्चा करना भी शुरू कर दिए है। वैसे अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

    परन्तु अभी से संभावित प्रत्याशी अपने अपने क्षेत्र में चर्चा करने के साथ सामाजिक गतिविधि में रूचि लेना शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि संभावित प्रत्याशी के अभी से क्षेत्र में गतिविधि बढ़ जाने से उम्मीद है कि पंचायत चुनाव का मुकाबला काफी कड़ा व दिलचस्प हो सकता है। कई जगह एक ही परिवार के सदस्य एक ही पद के लिए संधर्ष करते देखे जा सकते हैं।