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    किशनगंज में 'क्राइम पेट्रोल' जैसी खूनी साजिश: विदेश से लौटे पतियों का अपनों ने ही किया 'द एंड', 4 महीने में कई मर्डर

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 09:21 AM (IST)

    किशनगंज में चार महीने के भीतर दो सनसनीखेज हत्याकांडों ने इलाके को दहला दिया है, जहाँ पत्नियों ने प्रेमियों के साथ मिलकर विदेश से लौटे पतियों की हत्या ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. किशनगंज में चार माह में दो पति हत्याकांड।

    2. पत्नियों ने प्रेमियों संग मिलकर की हत्याएं।

    3. विदेश से लौटे पतियों को बनाया निशाना।

    संवाद सूत्र, कोचाधामन (किशनगंज)। बिहार के किशनगंज का कोचाधामन प्रखंड इस वक्त किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म का गवाह बना हुआ है। महज चार महीने के भीतर हुए दो सनसनीखेज हत्याकांडों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इन दोनों मर्डर मिस्ट्री की स्क्रिप्ट (Script) हूबहू एक जैसी है— 'सात जन्मों का साथ निभाने का वादा करने वाली पत्नी ही विलेन बनी और अपने प्रेमी के साथ मिलकर सुहाग को मौत के घाट उतार दिया।'

    पहले सोन्था पंचायत के पुनास गांव में एहसान रजा की हत्या और अब बिशनपुर में रिजवान आलम का कत्ल; इन दोनों मामलों ने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते और भरोसे की डोर को तार-तार कर दिया है।

    बिशनपुर का 'बेडरूम मर्डर', 36 घंटे में सस्पेंस खत्म

    ताजा मामला बिशनपुर थाना क्षेत्र का है। यहां 42 वर्षीय रिजवान आलम की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 36 घंटे के भीतर इस खूनी खेल का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, रिजवान की पत्नी डेजी परवीन का अनवर हुसैन नाम के युवक के साथ अवैध संबंध था। प्यार के बीच 'कबाब में हड्डी' बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची और बेडरूम में सो रहे रिजवान को मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने कातिल पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

    विदेश से लौटा पति, रास्ते में ही 'गेम ओवर'

    इससे पहले, बीती 3 मार्च को पुनास गांव के रहने वाले एहसान रजा की हत्या ने भी लोगों के होश उड़ा दिए थे। एहसान कुछ ही दिन पहले विदेश से अच्छी-खासी कमाई कर वतन लौटे थे। वे अपनी ससुराल (जो पूर्णिया के रौटा थाना क्षेत्र के मलहरा में है) अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही घात लगाए अपराधियों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। जब पुलिस ने तहकीकात की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। एहसान की हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उनकी अपनी पत्नी समरीन ताज थी, जिसने अपने आशिक के साथ मिलकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया था।

    एक जैसी किस्मत, एक जैसा धोखा

    इन दोनों वारदातों में एक बेहद हैरान करने वाली और भावुक कर देने वाली समानता है:

    • विदेश की कमाई, अपनों ने दी विदाई: दोनों ही मृतक (रिजवान और एहसान) सालों तक विदेश में खून-पसीना बहाकर लौटे थे।

    • सपनों का कत्ल: रिजवान अब दोबारा विदेश नहीं जाना चाहते थे, वे अपने गांव-घर में ही रहकर कोई रोजगार शुरू करना चाहते थे। वहीं एहसान भी डॉलर-रियाल छोड़कर परिवार के साथ सुकून की जिंदगी बिताने का ख्वाब लेकर आए थे। लेकिन दोनों को क्या पता था कि जिस परिवार के लिए वे परदेस में तपे, वही उनका काल बन जाएगा।

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    "जिस फिल्मी अंदाज में बेडरूम में सो रहे पति की हत्या की गई और उससे पहले रास्ते में घेरकर जान ली गई, वह हमारे समाज के लिए एक बड़ा रेड सिग्नल (Red Signal) है। रिश्तों में नैतिकता और भरोसे का ग्राफ तेजी से गिर रहा है।"

    — शेरशाह भारत, स्थानीय समाजसेवी

    सोचने पर मजबूर है समाज

    लगातार सामने आ रही इन दिल दहला देने वाली घटनाओं ने स्थानीय लोगों को सन्न कर दिया है। लोग अब ये सोचने पर मजबूर हैं कि अगर घर के भीतर ही सबसे करीबी रिश्ते में इस कदर 'गद्दारी' छिपी हो, तो आखिर इंसान भरोसा करे तो किस पर करे?