बिहार में 30 सेकेंड तक मौत के बीच फंसे दर्जनों छात्र, दोनों ओर से गुजरती रहीं ट्रेनें
बड़हिया रेलवे स्टेशन पर दर्जनों छात्र-छात्राएं 30 सेकंड तक दो ट्रेनों के बीच फंस गए, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया। परीक्षा के बाद ट्रैक पार करते समय ...और पढ़ें
HighLights
बड़हिया स्टेशन पर 30 सेकंड तक छात्र मौत के मुंह में।
दो ट्रेनों के बीच फंसे दर्जनों परीक्षार्थी, बड़ा हादसा टला।
ट्रैक पार करने की लापरवाही से बढ़ा सुरक्षा जोखिम।
संवाद सूत्र, बड़हिया (लखीसराय)। बड़हिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को दर्जनों छात्र-छात्राएं करीब 30 सेकेंड तक मौत के बीच फंसे रहे। एक ओर डाउन लाइन पर खड़ी पटना-झाझा मेमू पैसेंजर ट्रेन चल गई, वहीं दूसरी ओर अप लाइन से गुरुमुखी एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से गुजरने लगी।
दोनों ट्रेनों के बीच फंसे परीक्षार्थियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। जरा सी चूक होती तो बड़हिया स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा हो सकता था और दर्जनों छात्र-छात्राओं की जान जा सकती थी।
जानकारी के अनुसार बड़हिया के महिला कालेज और बीएनएम कालेज में स्नातक परीक्षा का केंद्र बनाया गया है।
परीक्षा देने के लिए बाढ़, मोकामा, लखीसराय, कजरा, अभयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ट्रेन से बड़हिया पहुंच रहे हैं। गुरुवार को भी परीक्षा के बाद करीब ढाई बजे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की काफी भीड़ थी।
मेमू से उतरकर ट्रैक पार करने लगे परीक्षार्थी
गुरुवार को बड़हिया रेलवे स्टेशन के डाउन प्लेटफॉर्म पर पटना-झाझा मेमू पैसेंजर ट्रेन खड़ी थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस आकर रुक गई।
इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने की जल्दबाजी में दर्जनों छात्र-छात्राएं फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय मेमू ट्रेन से उतरकर सीधे रेलवे ट्रैक पार करते हुए प्लेटफॉर्म संख्या तीन की ओर जाने लगे। इसी दौरान अप लाइन से गुरुमुखी एक्सप्रेस तेज गति से गुजरने लगी।
ट्रेन को आता देख कुछ छात्र-छात्राएं दौड़कर किसी तरह प्लेटफॉर्म पर चढ़ गए, जबकि दर्जनों परीक्षार्थी अप और डाउन लाइन के बीच फंस गए। इसी बीच डाउन लाइन पर खड़ी मेमू पैसेंजर भी चल गई।
देखते ही देखते दोनों ओर ट्रेन और बीच में परीक्षार्थी खड़े थे। करीब 30 सेकेंड तक छात्र-छात्राएं दोनों ट्रैक के बीच जान बचाने की जद्दोजहद करते रहे। दोनों ट्रेनें गुजरने के बाद सभी परीक्षार्थी सुरक्षित रूप से प्लेटफॉर्म पर पहुंचे।
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फुट ओवरब्रिज होने के बावजूद ट्रैक पार करना बनी आदत
बड़हिया रेलवे स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म हैं। प्लेटफॉर्म संख्या एक से दो एवं तीन पर आने-जाने के लिए फुट ओवरब्रिज बना हुआ है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में यात्री समय बचाने या जल्दबाजी के चक्कर में फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल नहीं करते और सीधे रेलवे ट्रैक पार कर दूसरे प्लेटफॉर्म पर चले जाते हैं।
खतरे की अनदेखी करने वालों में केवल युवा ही नहीं, बल्कि महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री भी शामिल रहते हैं, जबकि स्टेशन पर आरपीएफ की ओर से समय-समय पर यात्रियों को ट्रैक पार नहीं करने और फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाता रहा है। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है।
परीक्षा के दौरान बढ़ जाती है खतरे की आशंका
स्नातक परीक्षा के दौरान बड़हिया स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़ सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ गई है। अलग-अलग दिशाओं से ट्रेन से पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं में परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने और परीक्षा के बाद ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी रहती है।
इसी जल्दबाजी में कई परीक्षार्थी सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। गुरुवार की घटना ने स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की लापरवाही दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यदि ट्रेनों के गुजरने के दौरान छात्र-छात्राओं को सुरक्षित स्थान नहीं मिल पाता तो बड़ी संख्या में जानें जा सकती थीं। घटना के बाद यात्रियों के बीच भी इस बात की चर्चा रही कि बड़हिया स्टेशन पर ट्रैक पार करने की प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।