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    मुंबई की तरह बिहार में भी डूबी रेल पटरियां, किऊल-जमालपुर ट्रैक पर पौने दो घंटे रुकी रहीं कई एक्सप्रेस ट्रेनें

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 12:23 PM (GMT+05:30)

    लखीसराय में भारी बारिश के कारण कजरा स्टेशन के पास रेल पटरियां जलमग्न हो गईं, जिससे किऊल-जमालपुर रेलखंड पर पौने दो घंटे तक ट्रेन परिचालन बाधित रहा। कई ...और पढ़ें

    HighLights

    1. कजरा स्टेशन पर रेल पटरियां दो फीट पानी में डूबीं।

    2. किऊल-जमालपुर रेलखंड पर पौने दो घंटे परिचालन बाधित रहा।

    3. अतिक्रमण और जल निकासी की कमी से हर साल समस्या।

    जागरण संवाददाता, लखीसराय/मुंगेर। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मूसलाधार बारिश के दौरान जिस प्रकार रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाते हैं, ठीक वैसा ही भयावह नजारा सोमवार को बिहार के लखीसराय में देखने को मिला। कजरा स्टेशन के समीप रेल पटरियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे किऊल-जमालपुर रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार थम गई।

    सुबह चार बजे से मूसलाधार बारिश

    सोमवार की सुबह चार बजे से हो रही लगातार मूसलाधार वर्षा के कारण कजरा रेलवे स्टेशन के समीप ट्रैक पर करीब दो फीट तक पानी जमा हो गया। इस जलभराव के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से किऊल-जमालपुर रेलखंड पर करीब एक घंटा 45 मिनट तक रेल परिचालन पूरी तरह बाधित रहा।

    पौने दो घंटे ठप रहा परिचालन

    सुबह 8:35 बजे से लेकर 10:20 बजे तक इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। पटरियों पर पानी का दबाव इतना अधिक था कि कोई भी जोखिम लेना यात्रियों की जान-माल के लिए भारी पड़ सकता था, जिसके चलते रेलवे प्रशासन ने यह कदम उठाया।

    bihar kajra rail tracks submerged kiul jamalpur line halted (1)

    विभिन्न स्टेशनों पर फंसी रहीं ट्रेनें

    इस दौरान अप और डाउन दिशा की कई प्रमुख यात्री एवं एक्सप्रेस ट्रेनों को अभयपुर, धरहरा, धनौरी और दशरथपुर सहित अन्य नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। अचानक ट्रेनों के पहिए थम जाने से हजारों यात्रियों को भीषण गर्मी और अनिश्चितता के बीच काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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    सूरत सुपरफास्ट अभयपुर में रुकी

    जानकारी के अनुसार, 22948 भागलपुर–सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे से ही अभयपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। वहीं जमालपुर–किऊल डीएमयू ट्रेन को धरहरा स्टेशन पर रोक दिया गया, जबकि गया–जमालपुर पैसेंजर ट्रेन दशरथपुर स्टेशन पर फंसी रही।

    यात्रियों में मची अफरा-तफरी

    अचानक बीच रास्ते में ट्रेनें रुक जाने से यात्रियों में भारी बेचैनी बढ़ गई। दूर-दराज़ की यात्रा कर रहे यात्री और अपने गंतव्य तक समय पर पहुँचने की उम्मीद लगाए बैठे लोग स्टेशनों पर भटकते नजर आए। पीने के पानी और जलपान को लेकर भी यात्रियों को भारी किल्लत झेलनी पड़ी।

    स्टेशन प्रबंधक ने दी जानकारी

    अभयपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से कजरा स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर लगभग दो फीट पानी जमा हो गया था। यात्रियों और ट्रेन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल परिचालन अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था।

    Lakhisarai Train Tracks Submerged, Kiul-Jamalpur Rail Disruption

    तकनीकी टीम ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। तकनीकी कर्मियों ने ट्रैक से जल निकासी की त्वरित व्यवस्था की और पूरे ट्रैक का सघन सुरक्षा निरीक्षण किया। पटरियों के सुरक्षित पाए जाने के बाद सुबह 10:20 बजे से परिचालन चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जा सका।

    पहाड़ियों के पानी से बढ़ा संकट

    भौगोलिक स्थिति के अनुसार किऊल-जमालपुर रेलखंड का यह हिस्सा ऊंची पहाड़ियों के किनारे से होकर गुजरता है। तेज बारिश के दौरान पहाड़ियों से निकलने वाला प्राकृतिक पानी विभिन्न जलस्रोतों के माध्यम से मैदानी टाल क्षेत्र की ओर तेजी से बहता है, जो सीधे रेलवे ट्रैक को प्रभावित करता है।

    अतिक्रमण और जाम बने कारण

    स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से प्राकृतिक जलनिकासी के पारंपरिक मार्गों पर अवैध अतिक्रमण, भराव और नालों के पूरी तरह अवरुद्ध होने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया है। परिणामस्वरूप बारिश का सारा पानी रुकने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पर जमा हो जाता है।

    निचले इलाकों व बाजारों में जलभराव

    लगातार बारिश के कारण कजरा और अभयपुर के आसपास के निचले इलाकों के साथ-साथ मुख्य बाजारों में भी गंभीर जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया, जिससे स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों का सामान्य जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

    स्थायी समाधान की उठी मांग

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि कजरा क्षेत्र में जल निकासी की कोई स्थायी और पुख्ता व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राकृतिक जलस्रोतों से तुरंत अतिक्रमण हटाकर उनकी सफाई कराई जाए, ताकि इस सालाना मुसीबत से राहत मिले।

    मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    दूसरी ओर मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक क्षेत्र में और भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम के कड़े रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों और यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने तथा अति-आवश्यक न होने पर यात्रा से बचने की सख्त अपील की है। 

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