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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: नाम काटने में खेल कर रहे राज्य के कई स्कूल, बिना नोटिस दिए धड़ल्ले से रद्द कर रहे नामांकन

    By Mukesh KumarEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Thu, 26 Oct 2023 10:08 PM (IST)

    गलत तरीके से नाम काटे जाने नाराज लखीसराय के दो स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस संबंध में जानकारी मिलने पर डीएम ...और पढ़ें

    केआरके हाईस्कूल में उपस्थिति पंजी की जांच करते एसडीओ निशांत। (जागरण फोटो)
    केआरके हाईस्कूल में उपस्थिति पंजी की जांच करते एसडीओ निशांत। (जागरण फोटो)

    संवाद सहयोगी, लखीसराय। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने में लगे हुए हैं। इसे लेकर रोज नए-नए आदेश निर्देश भी दिए जा रहे हैं। हालांकि, लखीसराय जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली अभी भी बेपटरी है। नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय से बच्चों का नाम काटा जा रहा है।

    गलत तरीके से नाम काटे जाने नाराज दुर्गा बालिका उच्च विद्यालय लखीसराय और केआरके हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।

    इस संबंध में जानकारी मिलने पर डीएम ने एसडीओ निशांत को नाम काटने की प्रक्रिया की सतही जांच करने का निर्देश दिया।

    एसडीओ निशांत ने जब नाम काटने की प्रक्रिया की सतही जांच की तो विद्यालय प्रबंधन से लेकर शिक्षा पदाधिकारी भी कठघरे में आ गए।

    विद्यालय में नाम काटने की क्या है प्रक्रिया

    डीईओ के आदेश के अनुसार, जिस विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति 50 फीसद से कम हैं और जो छात्र तीन दिन लगातार विद्यालय नहीं आते हैं, उन्हें नोटिस देकर छात्र एवं उसके अभिभावकों से बात करें। इसके बाद अगर 15 दिन तक वैसे छात्र विद्यालय नहीं आते हैं, तो उनका नामांकन रद्द करने का प्रावधान है।

    एसडीओ ने जांच में पकड़ी गड़बड़ी

    एसडीओ निशांत ने केआरके हाईस्कूल में डीईओ और डीपीओ स्थापना की उपस्थिति में नाम काटने संबंधित विभागीय निर्देश की जानकारी ली।

    स्कूल के कक्षा नौ (सेक्शन बी) की उपस्थिति पंजी की वर्ग शिक्षक के सामने छह छात्रों का अप्रैल से सितंबर तक की माहवार उपस्थिति जांच की, तो पाया कि क्रमांक एक की कुल उपस्थिति 27 दिन थी, जिसका नाम काट दिया गया। वहीं, रोल नंबर दो की भी कुल उपस्थिति 27 दिन थी, लेकिन उसका नाम नहीं काटा गया।

    संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए स्कूल प्राचार्य

    एसडीओ ने जब प्राचार्य जिलेश्वर पंडित से पूछा कि नाम काटने का क्या मानक है? उसका पालन कैसे किया गया? तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

    प्राचार्य ने कहा कि अभी हमने छात्रों को नाम काटे जाने का नोटिस नहीं दिया है। सभी की परीक्षा ली जा रही है। एसडीओ ने प्रथम दृष्टया में पाया कि स्कूलों में नाम काटने में विभागीय निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया गया है।

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