यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lakhisarai News: काम में लापरवाही पड़ी मुखिया और पंचायत सचिवों को भारी, डीडीसी ने लिया ये एक्शन
लखीसराय में खराब प्रदर्शन करने वाले मुखिया और पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीडीसी नीरज कुमार ने छठे वित्त आयोग की राशि खर्च न करने पर स्प ...और पढ़ें

HighLights
- डीडीसी ने छठे वित्त आयोग की राशि खर्च न करने पर मांगा स्पष्टीकरण
- खराब प्रदर्शन करने वाले मुखिया व पंचायत सचिव पर होगी कार्रवाई
संवाद सहयोगी, लखीसराय। प्रभारी डीडीसी सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी नीरज कुमार ने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में जिले के सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी के साथ कामकाज की समीक्षा की।
राशि उपलब्ध रहने के बाद भी नहीं हुई खर्च
समीक्षा में डीपीआरओ ने पाया कि पंचायत में छठे वित्त आयोग की राशि उपलब्ध रहने के बावजूद दर्जन भर से अधिक पंचायत की उपलब्धि संतोषजनक नहीं है।
जिले के हलसी, बल्लोपुर पंचायत में एक फीसद राशि भी अब तक खर्च नहीं हुई है। वहीं, प्रतापपुर, नंदनामा एवं नोनगढ़ पंचायत में अबतक चार फीसद राशि खर्च नहीं हुई है।
तेतरहट, श्रीकिशुन, शरमा, गढ़ी विशनपुर, सुरारी इमामनगर सहित अन्य ग्राम पंचायत में भी छठे वित्त आयोग की राशि खर्च नहीं की जा रही है। इसपर डीपीआरओ ने संबंधित पंचायत के मुखिया और पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
सोलर लाइट की जांच
डीपीआरओ ने सभी पंचायती राज पदाधिकारी को ब्रेडा के इंजीनियर से अपने-अपने प्रखंड में सोलर लाइट की जांच कराकर एजेंसी को राशि भुगतान करने का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया कि 100 से अधिक सोलर लाइट खराब है।
जमीन खोजकर प्रस्ताव भेजने की निर्देश
पंचायत सरकार भवन की समीक्षा करते हुए डीपीआरओ ने पाया कि टोरलपुर, दामोदरपुर, कसबा एवं बिलोरी पंचायत में अब तक पंचायत सरकार भवन के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हुई है। उन्होंने सभी बीपीआरओ को जमीन खोजकर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
खबरें और भी
ग्राम कचहरी ई-कोर्ट पोर्टल की समीक्षा में डीपीआरओ ने पाया कि ग्राम कचहरी मदनपुर, मोहद्दीनगर, कैंदी, धीरा, गंगासराय, पिपरिया, मोहनपुर ग्राम कचहरी सचिव और पंचायत के कार्यपालक सहायक द्वारा अब तक ई-कोर्ट पोर्टल पर केस की एंट्री नहीं की गई है।
जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत का अंकेक्षण करा रहे अंकेक्षक को उपयोगिता प्रमाण पत्र तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया। बैठक में बीपीआरओ रचित अग्रवाल, मोनिका सोनी, उपेंद्र कुमार, बृजेश कुमार, जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी रविंद्र कुमार चौधरी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक लखीसराय रंजीत कुमार मंडल मौजूद थे।