यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lakhisarai News: अशरफ ने पहले हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाया, फिर अपने शौक पूरे करने के लिए बना दिया कर्जदार
शिक्षा विभाग के लिपिक कमाल अशरफ ने एक हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर उसे दो वाहनों का कर्जदार बना दिया। उसने 2023 में एक वेन्यू कार और 2024 में ए ...और पढ़ें

HighLights
- अशरफ ने सुमित बनकर हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाया
- महिला को दो वाहनों का बना दिया कर्जदार, ईएमआई पर ली गाड़ी
संवाद सहयोगी, लखीसराय। शिक्षा विभाग के लिपिक कमाल अशरफ ने सुमित कुमार के नाम से 16 वर्षीय हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाने के बाद उसे पूरी तरह से बेबस एवं लाचार बना दिया। कुंवारी मां बनाने के बाद अपने सहयोगी शिक्षक के साथ शारीरिक संबंध बनाने को लेकर न सिर्फ उसपर दबाव बना रहा था बल्कि दो चारपहिया वाहन फाइनेंस कराकर उसे लाखों रुपये का कर्जदार बना दिया।
हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाया
एक ओर जहां हिंदू लड़की सुमित कुमार के मुसलमान होने का सच जानने के बाद उसके चंगुल से निकलने के लिए छटपटा रही थी। वहीं दूसरी ओर लिपिक कमाल अशरफ तरह-तरह का प्रपंच रचने में जुटा हुआ था। इसके तहत लिपिक कमाल अशरफ ने सितंबर 2023 में बिहार ग्रामीण बैंक शाखा मेदनीचौकी से हिंदू लड़की के नाम से हुंडई की वेन्यू कार लोन पर ले ली।
लड़की के नाम पर दो गाड़ियों का लोन
इसके अलावा हिंदू लड़की के नाम से ही अक्टूबर 2024 में महिंद्रा फाइनेंस से स्कार्पियो फाइनेंस कराई। हुंडई की वेन्यू कार की इएमआइ प्रतिमाह 13 हजार रुपये एवं महिंद्रा एन का इएमआइ प्रतिमाह 25 हजार छह सौ रुपये है।
पीड़िता के बीपीएम पद पर योगदान करने के पूर्व तक लिपिक कमाल अशरफ हुंडई की वेन्यू कार की इएमआइ जमा करने के लिए राशि देता था।
नौकरी में आने के बाद लड़की के वेतन की राशि आने वाले बैंक खाता से ही दोनों वाहनों का इएमआइ कट जाती थी। बैंक खाता में राशि कम रहने पर कमाल अशरफ द्वारा खाता में राशि जमा करने के लिए पीड़िता को राशि उपलब्ध कराई जाती थी।
खबरें और भी
विगत कुछ माह से लिपिक कमाल अशरफ के चंगुल से निकलने के लिए पीड़िता ने विरोध करना शुरू कर दिया था। लिपिक कमाल अशरफ ने पीड़िता पर दबाव बनाने को लेकर फरवरी 25 से ही दोनों ही वाहनों की इएमआइ जमा करने को लेकर रुपये देना बंद कर दिया।
मार्च 25 में पीड़िता की नौकरी भी समाप्त हो गई। इसके बाद से दोनों ही वाहनों की इएमआइ जमा नहीं हो पाई है, जबकि इएमआइ जमा करने को लेकर पीड़िता को मैसेज आ रहे हैं।
लिपिक कमाल अशरफ के चंगुल से निकलकर अपने स्वजन के साथ रहकर भी पीड़िता इएमआइ जमा करने के लिए आने वाले मैसेज से परेशान हैं। जबकि एक भी वाहन पीड़िता के पास उपलब्ध नहीं है। दोनों ही वाहन लिपिक कमाल अशरफ के ही कब्जे में हैं।