लखीसराय: नीतीश के मोबाइल ने खोला सुमन की आत्महत्या का राज, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले
लखीसराय सदर अस्पताल की सफाईकर्मी सुमन देवी की आत्महत्या मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। आरोपित वार्ड बॉय ...और पढ़ें

नीतीश के मोबाइल ने खोला सुमन की आत्महत्या का राज, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले
HighLights
सफाईकर्मी सुमन देवी की आत्महत्या मामले में पुलिस को अहम सुराग।
आरोपित वार्ड बॉय नीतीश के मोबाइल में आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले।
ब्लैकमेलिंग के कारण सुमन ने आत्महत्या की, नीतीश गिरफ्तार।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। सदर अस्पताल की सफाईकर्मी सुमन देवी उर्फ कुसमा की आत्महत्या मामले की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस की कार्रवाई और आरोपित वार्ड बॉय नीतीश कुमार के मोबाइल की जांच के बाद सुमन और नीतीश के बीच संबंधों के साथ-साथ कथित ब्लैकमेलिंग का पहलू भी सामने आया है।
बताया जा रहा है कि नीतीश के मोबाइल में सुमन की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मौजूद थे। इन्हीं के माध्यम से उसे लगातार परेशान और ब्लैकमेल किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस की आधिकारिक जांच और डिजिटल साक्ष्य की पुष्टि के बाद ही इन तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
बताया जाता है कि सुमन और नीतीश के बीच प्रेम संबंध थे। बाद में आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के कारण सुमन के लिए स्थिति परेशानी का कारण बन गई थी। वह नीतीश से दूरी बनाना चाहती थी, लेकिन उसके पास मौजूद फोटो-वीडियो के कारण कथित तौर पर वह दबाव में थी।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश बार-बार उसे ब्लैकमेल करता था और अपनी बात मनवाने का प्रयास करता था। घटना के दिन भी इसी तरह की स्थिति बनने की बात जांच में सामने आ रही है।
पति का विश्वास पाने और नीतीश से छुटकारा पाने की थी कोशिश:
दूसरी ओर, सुमन अपने पति रवि कुमार पासवान के अविश्वास को लेकर भी परेशान थी। बताया जाता है कि वह पति का विश्वास दोबारा हासिल करना चाहती थी और नीतीश से पूरी तरह छुटकारा पाना चाहती थी। लेकिन कथित ब्लैकमेलिंग के कारण वह मानसिक दबाव से बाहर नहीं निकल पा रही थी।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आत्महत्या से पहले सुमन पर किस तरह का दबाव था और घटना के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
सीसीटीवी फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा:
घटना वाले दिन सुमन सदर अस्पताल के उपाधीक्षक कार्यालय के समीप गैलरी में बेंच पर लेटी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में नीतीश के बार-बार उसके पास जाने और उसे उठाने का प्रयास करने की बात सामने आई है।
इसके बाद सुमन पोषण पुनर्वास केंद्र के एक कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद दरवाजा तोड़े जाने पर वह फंदे से झूलती मिली। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों को घटनाक्रम से जोड़कर जांच कर रही है।
अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल:
पूरे मामले में सदर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यदि अस्पताल परिसर में कर्मियों के बीच इस तरह का विवाद और कथित ब्लैकमेलिंग लंबे समय से चल रही थी तो प्रबंधन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
क्या अस्पताल प्रशासन को सुमन की परेशानी की जानकारी थी। क्या किसी स्तर पर शिकायत की गई थी और उस पर कोई कार्रवाई हुई थी। जांच के दौरान इन सवालों के जवाब भी महत्वपूर्ण होंगे।
एक पदाधिकारी से घंटों बातचीत की भी चर्चा:
पुलिस सुमन के मोबाइल की काल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारी भी खंगाल रही है। जांच का एक अहम बिंदु यह है कि सुमन घटना से पहले किन लोगों के संपर्क में थी। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के एक पदाधिकारी से भी सुमन की घंटों मोबाइल पर बातचीत होती थी।
पुलिस कॉल डिटेल के माध्यम से इस संपर्क की प्रकृति और घटना से इसके किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को जोड़कर आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह तक पहुंचने में जुटी है।
