लखीसराय में बड़े हादसे का खतरा: किऊल-धनबह सड़क के नीचे फिर बनी सुरंग, ऊपर से दौड़ रहे भारी वाहन
लखीसराय के चानन प्रखंड में किऊल-धनबह मुख्य सड़क पर बन्नूबगीचा वीयर चौक के पास सड़क के नीचे एक सुरंग लगातार बढ़ रही है, जिससे बड़े हादसे का खतरा मंडरा ...और पढ़ें

सड़क में सुरंग। फोटो जागरण
HighLights
सड़क के नीचे सुरंगनुमा गड्ढा लगातार बढ़ रहा है।
भारी वाहनों के गुजरने से बड़े हादसे का डर।
ग्रामीणों ने स्थायी मरम्मत की तत्काल मांग की।
संवाद सूत्र, चानन (लखीसराय)। चानन प्रखंड की गोहरी पंचायत अंतर्गत किऊल-धनबह मुख्य सड़क पर बन्नूबगीचा वीयर चौक के समीप सड़क के नीचे बनी सुरंग अब लगातार बढ़ती जा रही है। दुर्गा मंदिर के ठीक सामने एलकेवी नहर के वीयर फाटक के पास सड़क के नीचे मिट्टी धंसने से सुरंगनुमा स्थिति बन गई है।
प्रतिदिन इसके बढ़ते आकार के कारण सड़क की मजबूती पर सवाल खड़ा हो गया है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो भारी वाहनों के दबाव में सड़क का हिस्सा धंसने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के ऊपरी हिस्से पर कालीकरण तो दिखाई दे रहा है, लेकिन उसके नीचे की मिट्टी लगातार धंसकर नीचे जा रही है। सड़क के नीचे बने छोटे सुरंगनुमा हिस्से का आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
इसके ऊपर से लगातार छोटे-बड़े वाहन और भारी वाहन गुजर रहे हैं। ऐसे में सड़क या पुलिया के अचानक धंसने की आशंका बनी हुई है।
पिछले साल भी इसी जगह बनी थी सुरंग
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी पिछले वर्ष इसी स्थान पर सड़क के नीचे सुरंगनुमा गड्ढा बन गया था। उस समय सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार द्वारा मेटल और मोरंग डालकर उसके ऊपर कालीकरण कर मरम्मत कर दी गई थी।
कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, लेकिन अब उसी स्थान पर दोबारा सड़क के नीचे मिट्टी धंसने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महज ऊपर से मेटल-मोरंग डालकर कालीकरण कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
खबरें और भी
सड़क के नीचे मिट्टी धंसने के कारण का पता लगाकर उसका स्थायी उपचार जरूरी है। अन्यथा सुरंग लगातार बढ़ती रही तो सड़क की नींव कमजोर होकर भारी वाहनों का भार सहन नहीं कर पाएगी।
एसएसबी कैंप और मिनी बाजार के कारण बढ़ी चिंता
सड़क पर जिस स्थान पर सुरंग बनी है, उसके ठीक सामने एसएसबी कैंप बन्नूबगीचा भी स्थित है। वहीं वीयर चौक पर स्थानीय मिनी बाजार होने के कारण दिनभर ग्रामीणों और वाहनों की आवाजाही रहती है। सिंचाई विभाग के रामपुर वैतरणी एवं सहूर केनाल में पानी पहुंचाने के लिए इसी स्थान पर मुख्य स्लूइस गेट भी लगा हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के नीचे पहले छोटा सा सुराख दिखाई दिया था, जो अब धीरे-धीरे बड़ा होता जा रहा है। सड़क की ऊपरी परत के नीचे की मिट्टी धंसकर नीचे गिर रही है। यदि इसी तरह मिट्टी का कटाव और धंसान जारी रहा तो सड़क के नीचे बनी संरचना कमजोर होकर अचानक बैठ सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि स्थल का तत्काल निरीक्षण कर सड़क के नीचे सुरंग बनने के कारणों की जांच कराई जाए तथा स्थायी रूप से मरम्मत कराई जाए।
लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद मरम्मत कराने के बजाय समय रहते खतरे वाले हिस्से को दुरुस्त किया जाए, ताकि बन्नूबगीचा वीयर चौक पर आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह भी पढ़ें- बिहार में छात्रों के साथ खड़े तेजस्वी, झारखंड में JPSC-JSSC आंदोलन पर खामोशी क्यों? उठने लगे सियासी सवाल