यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lalan Singh: जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र आए ललन सिंह, दनादन चार सभाएं कर दिखाए तेवर
ललन सिंह ने कहा कि धर्म और आस्था प्रदर्शन की वस्तु नहीं। मैं भी हिंदू हूं और धर्म के प्रति मेरी आस्था भी गहरी है लेकिन भाजपा वालों की तरह इसे प्रदर्शि ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार दिखाएगा मोदी और भाजपा को बाहर का रास्ता : ललन सिंह
- लोकसभा का चुनाव भी पूरी एकजुटता के साथ आईएनडीआईए के मंच से लड़ा जाएगा: ललन सिंह
जागरण संवाददाता, लखीसराय। धर्म और आस्था प्रदर्शन की वस्तु नहीं। मैं भी हिंदू हूं और धर्म के प्रति मेरी आस्था भी गहरी है, लेकिन भाजपा वालों की तरह इसे प्रदर्शित नहीं करता। धर्म और धार्मिक स्थल प्रचार के केंद्र नहीं हैं। देशभर में लोगों को इसके माध्यम से मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
मीडिया को आगे करके प्रायोजित खबरों के माध्यम से भ्रम फैलाया जा रहा है। बिहार सरकार के गिरने से लेकर जदयू में टूट तक की भविष्यवाणी की जाने लगी, जो सच से परे है।
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार मजबूत है और आगे लोकसभा का चुनाव भी पूरी एकजुटता के साथ आईएनडीआईए के मंच से लड़ा जाएगा। भाजपा और मोदी की विदाई का रास्ता बिहार दिखाएगा और इसके लिए यहां की जनता ने मन बन लिया है।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र मुंगेर के लखीसराय पहुंचे सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने रविवार को कही। वे यहां जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
भाजपा को अब सत्ता हासिल होने वाली नहीं: ललन सिंह
अलग-अलग चार गांवों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह भाजपा पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावना से खेलकर भी भाजपा और नरेन्द्र मोदी को अब सत्ता हासिल होने वाली नहीं है। नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार से उनके खिलाफ शंखनाद हो चुका है।
हिंदी पट्टी राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरप्रदेश ही उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए काफी है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। जितनी सीटें अभी भाजपा को है उससे बेदखल करने के लिए बिहार और बंगाल ही काफी है।
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सत्ता से बेदखल होकर वे हिमालय की तड़ाई में कीर्तन करेंगे। चूंकि महंगाई, बेरोजगारी से नहीं बल्कि धर्म और धार्मिक प्रचार से इन्हें मतलब है। 2014 के लोकसभा चुनाव में हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा, काला धन वापस लाने का वादा, प्रत्येक के खाते में 15-15 लाख रुपये देने का वादा कहां गया।
10 वर्षों के शासन में 20 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार मिलना चाहिए था। कालेधन लाने के नाम पर कालाधन लेकर अपने चहेते बिजनेसमैन को देश से भगा दिया। इस पर कभी जुबान नहीं खुलती। अभी संसद में भाजपा सांसद की सहमति से दो उपद्रवी घुस गया। आंसू गैस के गोले छोड़ने लगा।
मैं भी सदन के अंदर ही था। संसद सदस्य भयभीत हो गए। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जब इस पर सदन में जवाब मांगा जा रहा था तो सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। देश की जनता उन्हें ही आगामी चुनाव में निलंबित कर देगी।
ललन सिंह ने कहा इतिहास बदले वाली भाजपा सरकार ने सुंदर संसद भवन के रहते दूसरा संसद भवन बनवाया। निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हुआ, लेकिन शिलापट्ट पर अपना नाम लिखवाने के लिए नरेन्द्र मोदी ने शिलान्यास कर दिया। प्रचार तंत्र के भरोसे चलने वाली केंद्र सरकार के जाने का समय आ गया है और यह विदाई बिहार के रास्ते होगी।