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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    निजी स्कूल की तरह मॉडर्न बनेंगे सरकारी विद्यालय, बिहार शिक्षा विभाग ने कस ली कमर; 70 स्कूलों का रोडमैप तैयार

    By Mukesh KumarEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 29 Aug 2023 12:02 PM (GMT+05:30)

    Bihar Schools शिक्षा विभाग ने विद्यालयों की आंतरिक व्यवस्था से लेकर आधारभूत संरचना तक को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। सरकारी विद्यालयों को निज ...और पढ़ें

    अब निजी स्कूल की तरह मॉडर्न बनेंगे सरकारी विद्यालय, बिहार शिक्षा विभाग ने कस ली कमर
    अब निजी स्कूल की तरह मॉडर्न बनेंगे सरकारी विद्यालय, बिहार शिक्षा विभाग ने कस ली कमर

    HighLights

    1. विद्यालयों की आंतरिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद शुरू
    2. इसके लिए लखीसराय में सात चरणों में 70 सरकारी विद्यालयों का हुआ चयन

    संवाद सहयोगी, लखीसराय : शिक्षा विभाग ने विद्यालयों की नियमित जांच और निरीक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के बाद अब विद्यालयों की आंतरिक व्यवस्था से लेकर आधारभूत संरचना को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है।

    विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालय की तरह मॉडर्न बनाने की कवायद चरणवार शुरू की है। प्रत्येक चरण में 10-10 विद्यालय का चयन किया जा रहा है।

    अब तक लखीसराय जिले में सात चरणों में 70 सरकारी विद्यालयों का चयन कर उसकी वर्तमान स्थिति और संचालित गतिविधि की तस्वीर के साथ पूरी रिपोर्ट डीईओ ने मुख्यालय को भेजी है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केके पाठक ने चयनित विद्यालयों की समीक्षा भी की है।

    रंग-रोगन के साथ विद्यालय की हर व्यवस्था होगी दुरुस्त

    चयनित विद्यालय की भौतिक रूप से जांच करने की जिम्मेदारी डीईओ ने डीपीओ संजय कुमार, नीलम राज, दीप्ति कुमारी को दी है। इन विद्यालयों में साफ-सफाई, शौचालय की साफ-सफाई, शौचालय में पानी के लिए नल की व्यवस्था पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।

    इसके साथ ही हाथ धुलाई के लिए हैंडवाश, पेयजल की सुविधा, वर्ग कक्ष की सफाई, विद्यालय का रंग रोगन, स्मार्ट क्लास और सभी बच्चे ड्रेस में स्कूल आएं, इन बातों पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा गया है।

    डीपीओ ने संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को विभाग के निर्देशानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है। विद्यालय की प्रयोगशाला और पुस्तकालय का ताला खोलकर उसे भी व्यवस्थित कर बच्चों को इसका लाभ देने के लिए कहा गया है।

    विभाग के निर्देश पर अब तक सात चरणों में जिले के 70 प्रारंभिक, मध्य, माध्यमिक एवं प्लस टू विद्यालय की सूची भेजी गई है। इन विद्यालयों की वर्तमान स्थिति एवं संचालित गतिविधियों से जुड़ी पूरी तस्वीर भी विभाग को भेजी गई है। इन विद्यालयों में सब कुछ बेहतर हो, इसके लिए काम किया जा रहा है। इसकी सतत निगरानी की जा रही है एवं अनुश्रवण कराया जा रहा है। विद्यालय में पहले से बेहतर माहौल बना है। आने वाले दिनों में और भी बेहतर होगा। - विमलेश कुमार चौधरी, डीईओ, लखीसराय

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