मधेपुरा में कोसी का कहर जारी, बाढ़ की चपेट में 1.25 लाख आबादी; प्रशासन अलर्ट
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से मधेपुरा के आलमनगर और चौसा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे लगभग 1.25 लाख लोग प्रभावित हैं।

मधेपुरा में कोसी का कहर जारी, बाढ़ की चपेट में 1.25 लाख आबादी; प्रशासन अलर्ट
HighLights
कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी।
मधेपुरा में 1.25 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित।
राहत के लिए आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई तैयार।
संवाद सूत्र, आलमनगर/चौसा (मधेपुरा)। कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उफनती हुई कोसी की तेज धारा अब बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों को डराने लगी है। कोसी नदी के मुहाने पर बसा आलमनगर व चौसा प्रखंड में हालात बिगड़ने लगे हैं।
आलमनगर की चार और चौसा प्रखंड की छह पंचायतें पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में है। जिसमें चौसा प्रखंड की फुलौत पूर्वी व पश्चिमी, मोरसंडा, चिरौरी और लौआलगान पूर्वी व पश्चिमी पंचायत पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। इसके अलावा चौसा पश्चिमी पंचायत, पैना और घोषई पंचायत में खेत खलिहान डूब चुके हैं।

इसी तरह चौसा प्रखंड की गंगापुर, रतवारा, खापुर और इटहरी पंचायत पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। इसके अलावा आलमनगर नगर पंचायत के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। कुल मिलाकर 1.25 लाख की आबादी बाढ की चपेट में है।
बाढ़ आपदा को लेकर प्रशासनिक तैयारी के भी दावे किए जा रहे हैं। आलमनगर के अंचलाधिकारी अंकेश कुमार के अनुसार आलमनगर प्रखंड में आश्रय स्थल के लिए 25 जगहों को चिह्नित कर लिया गया है। ताकि जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होने पर प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित किया जा सके।

इसके अलावा सामुदायिक रसोई के लिए 11 स्थलों का चयन कर लिया गया है। वहीं, चौसा के अंचलाधिकारी उदयकांत मिश्र के अनुसार चौसा प्रखंड क्षेत्र में 13 जगहों पर सामुदायिक रसोई संचालित किए जाएंगे। जिसके लिए स्थल चयन कर लिए गए हैं। दोनों प्रखंड क्षेत्रों के लिए एसडीआरएफ की एक-एक टीम को अलर्ट पर रखा गया है।
आलमनगर में नए इलाकों में प्रवेश कर रहा बाढ़ का पानी:
कोसी नदी के जलस्तर में हो रहे लगातार वृद्धि से रोज नए नए इलाके में कोसी नदी का पानी फैलने लगा है। प्रखंड की किशनपुर-रतवारा पंचायत के पूर्वी छतौना, भवानीपुर बासा, अठगामा महादलित टोला, अठगामा निषाद टोला, मुरौत जागिर टोला, मुरौत महादलित टोला, रतवारा स्कूल महादलित टोला का सड़क संपर्क भंग हो गया है।

खापुर पंचायत का सबरीनगर दो कठिया, मलिया डीह, गंगापुर पंचायत के हरजोड़ा घाट, खरौवा बासा, बैजू मंडल टोला, मारवाड़ी बासा, सरबन्नी टोला, पैकांत टोला, बलहा बासा, कुम्हारा वासा आदि का भी सड़क संपर्क भंग होने से आवाजाही प्रभावित हो गया है। सड़क संपर्क भंग होने से करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित है।
रतवारा, खापुर व गंगापुर पंचायत के अलावा इटहरी, बड़गांव और आलमनगर नगर पंचायत के दक्षिणी हिस्से में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पशुपालकों को पशुचारे की समस्या जटिल हो गई है।

अंचलाधिकारी अंकेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कुल 11 जगहों पर सामुदायिक किचन चलाने के लिए स्थल का चयन किया गया है। कोसी नदी के जलस्तर में हो रहे वृद्धि को देखते हुए 25 जगहों पर बाढ़ से प्रभावित लोगों के आवासन के लिए स्थल चयन किया गया है।
जलस्तर में हो रही वृद्धि को लेकर जिला के वरीय पदाधिकारियों को अपडेट किया जा रहा है। मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो मोबाइल टीम का गठन किया गया है। जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से घिरे हुए गांव में लगातार कैंपिंग कर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं।
