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मधेपुरा: सिविल सर्जन का रुपये लेते कथित वीडियो वायरल; DM ने 3 सदस्यीय टीम बनाकर दिए जांच के आदेश, CS ने बताया साजिश

Published: Tue, 18 Aug 2026 10:57 AM (IST)

मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद ...और पढ़ें

HighLights

  1. मधेपुरा सिविल सर्जन का रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

  2. जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए।

  3. तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम करेगी वीडियो की सत्यता की जांच।

जागरण संवाददाता, मधेपुरा। स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का कथित तौर पर रुपये लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित (वायरल) होने लगा। वायरल वीडियो का मामला उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग होम से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

हालांकि इस संबंध में अब तक प्रशासन या पुलिस के पास कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन मामले की गंभीरता और पद की गरिमा को देखते हुए मधेपुरा के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक रंजन ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है। डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रशासनिक टीम करेगी जांच

जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने वायरल वीडियो की सत्यता की जांच और पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस टीम में:

  1. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी

  2. जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी

  3. जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी

को शामिल किया गया है। डीएम ने जांच दल को निर्देश दिया है कि वे वीडियो की तकनीकी सत्यता, संबंधित स्थल, समय और परिस्थितियों की बिंदुवार पड़ताल कर शीघ्र अपनी संयुक्त रिपोर्ट सौंपें।

सिविल सर्जन ने आरोपों को नकारा, बोले- छवि धूमिल करने की साजिश

वहीं दूसरी ओर, अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने वायरल वीडियो को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश के तहत यह मनगढ़ंत वीडियो तैयार कर प्रचारित किया जा रहा है, ताकि उनकी सामाजिक और प्रशासनिक छवि को धूमिल किया जा सके।

(दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की प्रमाणिकता एवं सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। पूरे प्रकरण की प्रशासनिक स्तर पर जांच चल रही है और संबंधित विभागीय अधिकारी जांच के बाद ही अंतिम सत्यता स्पष्ट करेंगे।)