बिहार में घूसखोर सिविल सर्जन पर गिरी गाज: जांच में आरोप सच, DM ने स्वास्थ्य विभाग को भेजा एक्शन प्लान
सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का रुपये लेते हुए वीडियो प्रसारित होने के बाद जांच में आरोप सत्य पाए गए ...और पढ़ें

सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार।
HighLights
सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का रुपये लेते वीडियो वायरल।
जांच में आरोप सत्य पाए गए, जिलाधिकारी ने की पुष्टि।
प्रपत्र 'क' गठित कर स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया।
जागरण संवाददाता, मधेपुरा। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। जिसकी जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर सिविल सर्जन के खिलाफ प्रपत्र क गठित कर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तावित किया गया है।
जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग को आरोप पत्र भेज दिया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सिविल सर्जन के भ्रष्ट आचरण को रेखांकित किया है।
17 अगस्त पर प्रसारित वीडियो का डीएम ने लिया था संज्ञान:
बताते चलें कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का 17 अगस्त को जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने संज्ञान लिया था।
उन्होंने तुरंत जिला भू अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार सुमन के नेतृत्व में जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी संतोष कुमार व जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी राकेश कुमार को टीम में शामिल कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
सिविल सर्जन का नकद लेकर जेब में रखने का हुआ था वीडियो प्रसारित:
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार लिफाफे में नकद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में दो युवक निजी नर्सिंग होम में सीएस से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं और उन्हें लिफाफे में रखे पैसे देते हैं। बातचीत के दौरान, निजी नर्सिंग होम के परमानेंट लाइसेंस के लिए राशि देने का उल्लेख भी किया गया है।
दूसरे वायरल वीडियो में, सीएस को नकद लेकर जेब में रखने की स्थिति में देखा जा सकता है। एक वीडियो मुरलीगंज स्थित डॉ. राजेश कुमार के नर्सिंग होम का व दूसरा उदाकिशुनगंज स्थित डॉ. पी. आलम के ग्लोबल नर्सिंग होम का था।
जांच टीम के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे सिविल सर्जन
नर्सिंग होम की जांच व रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपये लेते सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो मामले में 19 अगस्त को जांच टीम मुरलीगंज और उदाकिशुनगंज स्थित दोनों नर्सिंग होम की जांच की। जांच टीम के समक्ष दोनों नर्सिंग में संबंधित चिकित्सक व दवा दुकानदार ने रुपये देने की बात स्वीकार किया है। जिसका लिखित व वीडियो साक्ष्य जांच टीम के द्वारा जुटाए गए।
साथ ही सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार को अपना पक्ष रखने के लिए 19 अगस्त की दोपहर तीन बजे तक का समय दिया था। हालांकि सिविल सर्जन के जिला मुख्यालय से बाहर रहने के कारण वे जांच टीम के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे। बताया गया कि व्हाट्सएप के माध्यम से उन्होंने अपना पक्ष रखा।
सिविल सर्जन का रुपये लेते हुए प्रसारित वीडियो मामले की जांच कराई गई। तीन सदस्यीय जांच टीम के रिपोर्ट के आधार पर प्रपत्र क गठित कर स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया है। - अभिषेक रंजन, जिलाधिकारी
