मधेपुरा में तीन नए थानाध्यक्षों की नियुक्ति, बेलारी-रतवारा और अरार को मिली कमान
मधेपुरा पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने तीन पुलिस अवर निरीक्षकों को नए थानों में पदस्थापित किया है। स्नेहा कुमारी को बेलारी, सुड्डू कुमार को रतवारा और धीरज ...और पढ़ें

मधेपुरा में तीन नए थानाध्यक्षों की नियुक्ति, बेलारी-रतवारा और अरार को मिली कमान
HighLights
मधेपुरा में तीन पुलिस अवर निरीक्षकों का स्थानांतरण और पदस्थापन।
स्नेहा कुमारी, सुड्डू कुमार, धीरज कुमार बने नए थानाध्यक्ष।
सड़क दुर्घटना में रिक्त हुए थे बेलारी, रतवारा, अरार पद।
संवाद सूत्र, कुमारखंड (मधेपुरा)। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा तीन पुलिस अवर निरीक्षकों का स्थानांतरण एवं नए थानों में पदस्थापन किया गया है। एसपी कार्यालय से जारी जिलादेश के अनुसार, कुमारखंड प्रखंड की बेलारी के अलावा ग्वालपाड़ा प्रखंड की अरार और आलमनगर प्रखंड की रतवाना थाना में नए थानाध्यक्ष तैनात किए गए हैं। तीनों पदाधिकारियों को 24 घंटे के अंदर योगदान देने निर्देश दिया गया है।
अवर निरीक्षक सुड्डू कुमार को मुरलीगंज थाना से स्थानांतरित कर रतवारा थानाध्यक्ष बनाया गया है। अवर निरीक्षक धीरज कुमार को अरार थानाध्यक्ष और अवर निरीक्षक स्नेहा कुमारी को मधेपुरा थाना से स्थानांतरित कर बेलारी थानाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है।
सड़क दुर्घटना में तीन थानाध्यक्षों की मौत के बाद रिक्त था पद:
बताते चलें कि 11 जून की रात बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल में राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित भीषण हादसे में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवाना थानाध्यक्ष साजन पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की मौत हो गई थी।
तीनों थानाध्यक्ष राज्य पुलिस मुख्यालय में सीसीटीएनएस का प्रशिक्षण लेकर वापस मधेपुरा लौट रहे थे। इस हृदय विदारक घटना में तीनाें थानाध्यक्षों के अलावा निजी वाहन चालक की भी मौत हो गई थी।
शराबबंदी कानून में लापरवाही बरतने वालों को 10 साल नहीं मिलेगी थानेदारी:
तीनों पदाधिकारियों की नियुक्ति रिक्त पदों को भरने तथा विधि-व्यवस्था एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि थानाध्यक्ष व अंचल पुलिस निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर वही अधिकारी नियुक्त किए जा सकते हैं जिनका सेवा रिकॉर्ड स्वच्छ हो और जिनके विरुद्ध किसी प्रकार की गंभीर विभागीय या आपराधिक कार्रवाई लंबित न हो।
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सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार ऐसे पुलिस पदाधिकारी थानाध्यक्ष नहीं बनाए जा सकते हैं, जिन्हें किसी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया गया हो या जिनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई में तीन या उससे अधिक बड़ी सजाएं मिली हों।
इसके अतिरिक्त, शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने वाले थानाध्यक्षों को अगले दस वर्षों तक ऐसे पदों पर पदस्थापित नहीं किया जाएगा।