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मधेपुरा सिंहेश्वर धाम में तीसरी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब; रात 1 बजे खुला पट, 2 लाख भक्तों ने किया जलाभिषेक

Published: Mon, 17 Aug 2026 11:34 AM (IST)

मधेपुरा के बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम में सावन की तीसरी सोमवारी पर 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। जिला ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तीसरी सोमवारी पर 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।

  2. रात 1 बजे खुले पट, अर्घा प्रणाली से सुचारु जलार्पण।

  3. जिला प्रशासन की कड़ी व्यवस्था से शांतिपूर्ण संपन्न हुई पूजा।

जागरण संवाददाता, मधेपुरा। सावन मास की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर बिहार के प्रमुख शैव तीर्थ बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में आस्था का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार की देर रात से ही शुरू हुआ श्रद्धालुओं का तांता सोमवार दोपहर तक अविरल जारी रहा। हर-हर महादेव और बोल बम के गगनभेदी जयकारों से पूरा सिंहेश्वर धाम क्षेत्र शिवमय हो उठा। अनुमान के अनुसार, तीसरी सोमवारी पर दो लाख से अधिक कांवरियों व आम श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ और कतारों के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष निर्णय लिया। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह की मौजूदगी में रविवार की मध्यरात्रि ठीक 12 बजे मंदिर में विधिवत सरकारी पूजा शुरू कराई गई। रात्रि 12:30 बजे विशेष पूजा संपन्न होने के बाद ठीक 1 बजे आम श्रद्धालुओं के दर्शन व जलाभिषेक के लिए मंदिर का मुख्य पट खोल दिया गया।

Madhepura Singheshwarnath Temple Sees 2 Lakh Devotees (3)

अर्घा से जलार्पण, शिवगंगा से मंदिर तक बनाई गईं 4 कतारें

पट खुलते ही अर्घा प्रणाली के माध्यम से सुचारू रूप से जलाभिषेक शुरू कराया गया। रविवार रात 9 बजे से ही मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भीषण गर्मी और उमस की परवाह किए बिना श्रद्धालु हाथों में गंगाजल का पात्र लिए धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शिवगंगा से मुख्य मंदिर द्वार तक चार घुमावदार कतारें बनाई गई थीं। श्रद्धालुओं को चार चरणों की बैरिकेडिंग से गुजारते हुए अनुशासित तरीके से गर्भगृह की ओर प्रवेश कराया गया। अत्यधिक भीड़ के कारण सुबह करीब सात बजे तक पुरुष श्रद्धालुओं को भी महिला कतार की ओर से सुरक्षित रास्ता देकर भीड़ का दबाव कम किया गया।

डाकबम व दंड प्रणाम वालों के लिए अलग लेन, स्ट्रेचर से रेस्क्यू

पहली सोमवारी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार डाकबम और दंड प्रणाम करते हुए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य द्वार के बीच से विशेष प्रवेश मार्ग तैयार किया गया था, जिससे उन्हें बिना किसी बाधा के तेजी से जलार्पण की सुविधा मिली।

Madhepura Singheshwarnath Temple Sees 2 Lakh Devotees (4)

लगातार पैदल चलकर पहुंचे कई डाकबम श्रद्धालु थकान और गर्मी के चलते मंदिर परिसर में बेसुध होकर गिर पड़े। ऐसे श्रद्धालुओं की मदद के लिए श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला। स्वयंसेवकों ने अस्वस्थ डाकबमों को स्ट्रेचर ट्रॉली और कंधों पर उठाकर सेवा शिविरों तक पहुंचाया। वहीं, अधिक गंभीर रूप से बीमार श्रद्धालुओं को 102 एंबुलेंस के जरिए तुरंत जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JNKTMCH) भेजा गया।

Madhepura Singheshwarnath Temple Sees 2 Lakh Devotees

NH-106 पर ट्रैफिक ब्लॉक, अफसरों ने रातभर संभाला मोर्चा

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर सिंहेश्वर धाम से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-106) पर रविवार शाम से ही सभी प्रकार के भारी और निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया। वाहनों को वैकल्पिक ग्रामीण मार्गों से डायवर्ट किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए एएसपी प्रवेंद्र भारती, एसडीएम संतोष कुमार, एडीएम अरुण कुमार और डीपीआरओ अनंत प्रसाद दल-बल के साथ रातभर मंदिर परिसर में डटे रहे। पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती रही, जिसके चलते लाखों की भीड़ के बावजूद तीसरी सोमवारी पर जलाभिषेक शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।