पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे : मधेपुरा में 17.4 KM सड़क के लिए रैयतों की सूची तैयार, मिलेगा चार गुना मुआवजा
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना ने गति पकड़ ली है, मधेपुरा में 17.4 किमी सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ...और पढ़ें

कोसी के विकास को लगेंगे पंख: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण तेज, रैयतों को मिलेगा सरकारी दर से 4 गुना मुआवजा
HighLights
मधेपुरा में 17.4 KM सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज।
पटना-पूर्णिया सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे 2028 तक पूरा होगा।
कोसी क्षेत्र में कृषि, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा)। बाढ़ और पिछड़ेपन का दंश झेल रहे कोसी प्रमंडल के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए प्रस्तावित पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। सिक्स लेन वाले इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से न केवल कृषि और व्यापार को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
परियोजना के तहत मधेपुरा जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। प्रभावित रैयतों की सूची तैयार कर ली गई है और ऑफलाइन खतियान से मिलान कर इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भूमि अधिग्रहण के लिए दावा और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
पटना-पूर्णिया सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए मधेपुरा जिले में 162.3026 हेक्टेयर भूमि का चयन; रैयतों की फाइनल सूची तैयार
बिहारीगंज के 4 राजस्व गांवों समेत ग्वालपाड़ा और मुरलीगंज के खसरों का सर्वेक्षण पूरा; दावा-आपत्ति की प्रक्रिया संपन्न
वर्ष 2028 तक पूरा होगा निर्माण; 40% राशि केंद्र और 60% निर्माण एजेंसी करेगी वहन, पटना से पूर्णिया की दूरी होगी कम
रैयतों को सरकारी दर से मिलेगा चार गुना मुआवजा; अंचलाधिकारी बोले- 2026 में पुनरीक्षित दरों के आधार पर तय होगी राशि
ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के अंतर्गत मधेपुरा जिले में कुल 17.4 किलोमीटर लंबाई में 162.3026 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है। यह दायरा किलोमीटर 168.3 से 185.7 के बीच पड़ता है, जिसका निर्माण, अनुरक्षण और संचालन किया जाना है। रैयतों की अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ ही मुआवजे के वितरण और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बिहारीगंज, ग्वालपाड़ा और मुरलीगंज के गांव शामिल
प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड से प्रवेश कर बिहारीगंज और मुरलीगंज के रास्ते पूर्णिया जिले में दाखिल होगा।
बिहारीगंज प्रखंड: दो पंचायतों के चार राजस्व ग्राम—बभनगामा, फतेहपुर, कठौतिया और शेखपुरा शामिल हैं।
पूर्णिया में प्रवेश: मुरलीगंज के रजनी गांव से होते हुए यह मार्ग पूर्णिया के बड़हरा कोठी (सुखसेना) और धमदाहा प्रखंड से गुजरेगा।
प्रभावित रैयतों को पारदर्शी तरीके से उचित मुआवजा दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर खसरों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें ग्वालपाड़ा प्रखंड के विशुनपुर अरार से 105, रसना से 148, बभनगंवा से 169, सुखासन से 44, टेमा से 26, महाराजगंज से 66, परसाहा से 20, टेमाभेला से 68, महाराजगंज उर्फ पाही फतेहपुर से 43, चकला गोपाल झा से 07 खसरे शामिल हैं। वहीं बिहारीगंज प्रखंड के फतेहपुर से 33, बभनगांवा से 126, कठौतिया से 76, शेखपुरा से 62 और मुरलीगंज के रजनी से 42 खसरों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।
2028 तक पूरा होगा बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे बिहार के भीतर बनने वाला पहला पूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा, जिसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके कुल निर्माण व्यय में 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 60 प्रतिशत राशि निर्माण एजेंसी द्वारा वहन की जाएगी, जिसे बाद में एजेंसी टोल टैक्स के माध्यम से वसूल करेगी।
इसके बन जाने से पटना और पूर्णिया के बीच यात्रा का समय और दूरी काफी घट जाएगी। इससे कोसी क्षेत्र के मक्का, जूट और अन्य कृषि उत्पादों को देश की बड़ी मंडियों तक तीव्र गति से पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और स्थानीय युवाओं के पलायन पर रोक लगेगी।
"भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत ऑफलाइन खतियान से मिलान का कार्य पूरा कर लिया गया है। रैयतों की अंतिम नामवार सूची तैयार कर शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत रैयतों को सरकारी निर्धारित दर से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। नियमों को पुनरीक्षित किए जाने के बाद बढ़ी दरों के आधार पर प्रत्येक राजस्व ग्राम की तय दर के अनुसार पारदर्शी तरीके से राशि का भुगतान होगा।"
