अयोध्या से जनकपुर के बीच सीधी ट्रेन का परिचालन जल्द, सुरक्षा और रखरखाव को लेकर नवंबर में बैठक
नेपाल के लोगों के लिए अयोध्या में रामलला के दर्शन को आसान बनाने के लिए जनकपुर और अयोध्या के बीच ...और पढ़ें

नई ट्रेन के परिचालन का अंतिम फैसला नई दिल्ली और काठमांडू के स्तर पर अटका हुआ है। फाइल फोटो
HighLights
जनकपुर-अयोध्या सीधी ट्रेन सेवा जल्द शुरू होगी।
रामलला दर्शन के लिए नेपालियों को सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा-रखरखाव पर नवंबर में अहम बैठक प्रस्तावित।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। Ramayana Circuit Special Train: नेपाल के लोगों के लिए अयोध्या में रामलला का दर्शन करना जल्द आसान हो सकता है। जनकपुर और अयोध्या के बीच जल्द ही सीधी ट्रेन का परिचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है।
बैठकों के दौर जारी
जनकपुर से अयोध्या के बीच ट्रेन परिचालन को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के साथ कई स्तर की बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि, नई ट्रेन के परिचालन का अंतिम फैसला नई दिल्ली और काठमांडू के स्तर पर अटका हुआ है।
नवंबर में अहम बैठक
ट्रेन सेवा बहाल करने को लेकर दोनों देशों के गृह मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे अधिकारियों के बीच समीक्षा की जा चुकी है।
सुरक्षा और रखरखाव के बिंदुओं को अंतिम रूप देने के लिए नवंबर में फिर से बैठक होने की संभावना है।
कई शहरों में मंथन
जनकपुर-अयोध्या ट्रेन परिचालन को लेकर काठमांडू, जनकपुर, जयनगर और पटना में राज्यस्तरीय व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें हो चुकी हैं। इसमें ट्रेन के परिचालन, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
रामायण सर्किट ट्रेन
इस रूट पर 'रामायण सर्किट' के नाम से विशेष ट्रेन चलाने की योजना है। पूर्व की बैठकों में इस बात पर भी विचार किया गया कि ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी होगी और परिचालन पहले किस ओर से शुरू किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा
प्रस्तावित ट्रेन के सभी डिब्बे एसी और स्लीपर होंगे। नेपाल क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों की होगी, जबकि भारतीय रेल खंड पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां तैनात रहेंगी।
अधिकारियों का दौरा
ट्रेन परिचालन को लेकर एसएसबी, कस्टम, जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक स्तर पर बातचीत हो चुकी है। बिहार के मुख्य सचिव भी जयनगर का दौरा कर स्थिति का जायजा ले चुके हैं।
दीपावली पर उम्मीद
कोंकण रेलवे के डीजीएम वीबी मिश्रा के अनुसार जनकपुर-अयोध्या ट्रेन परिचालन को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली के आसपास इस विषय पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
सीधी ट्रेन के होंगे बड़े फायदे
- त्रेतायुग का संबंध और मजबूत: अयोध्या (भगवान राम की जन्मस्थली) और जनकपुर (माता सीता की जन्मस्थली) के बीच सीधे रेल संपर्क से 'रामायण सर्किट' को नई मजबूती मिलेगी।
- समय और पैसों की भारी बचत: नेपाल के श्रद्धालुओं को अब बार-बार गाड़ियां बदलने का झंझट खत्म हो जाएगा। सीधे जयनगर/जनकपुर से बैठकर अयोध्या तक का सफर बिना रुकावट और बेहद कम खर्च में पूरा हो जाएगा।
- धार्मिक पर्यटन एवं व्यापार को बढ़ावा: दोनों देशों के श्रद्धालुओं की आवाजाही सुलभ होने से बिहार के सीमावर्ती इलाकों (जयनगर, मधुबनी) के अलावा नेपाल और अयोध्या के पर्यटन उद्योग तथा स्थानीय व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुगम यात्रा: सभी डिब्बे स्लीपर और एसी होने से बुजुर्ग श्रद्धालुओं और परिवारों के लिए लंबी दूरी का सफर काफी आरामदायक हो जाएगा।
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