बलिराजगढ़ की पूरी खुदाई से मिथिला का इतिहास होगा उजागर, राज्यसभा सदस्य संजय झा का बड़ा दावा
मधुबनी के बलिराजगढ़ में उत्खनन कार्य फिर से शुरू हो गया है। राज्यसभा सांसद संजय झा ने दावा किया कि वैज्ञानिक खुदाई से मिथिला का गौरवशाली इतिहास और प्र ...और पढ़ें
मदन कुमार कर्ण, बाबूबरही (मधुबनी)। जिले के ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ में एक बार फिर उत्खनन कार्य की शुरुआत के साथ मिथिला के गौरवशाली इतिहास के उजागर होने की उम्मीदें तेज हो गई हैं।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने कहा कि बलिराजगढ़ की पूरी और वैज्ञानिक खुदाई से मिथिलांचल की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति दुनिया के सामने आएगी।
करीब 176 एकड़ में फैले इस पुरातात्विक स्थल पर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर उत्खनन कार्य का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले भी यहां खुदाई हुई, लेकिन वह अपेक्षित स्तर पर नहीं हो सकी। इस बार वैज्ञानिक तरीके से कार्य कर सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा, ताकि वास्तविक इतिहास सामने आ सके।

उन्होंने बलिराजगढ़ की तुलना नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक स्थलों से करते हुए कहा कि जिस तरह वहां की खुदाई से उनकी महत्ता सामने आई, उसी प्रकार यहां भी अपार संभावनाएं छिपी हैं। उन्होंने इसे ‘सोने की खान’ बताते हुए कहा कि अब तक इसकी सही पहचान नहीं हो पाई थी।
इतिहासकारों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि रामायण काल में भी इस स्थल का विशेष महत्व रहा है और राजा विदेह की वास्तविक राजधानी बलिराजगढ़ ही होने के संकेत मिलते हैं।
यहां की विशाल चारदीवारी और प्राचीन ईंटें इस बात की गवाही देती हैं कि उस समय यहां विकसित नगर व्यवस्था, व्यापार और ज्ञान का उच्च स्तर था।
पूर्व में हुई खुदाई में मौर्यकालीन ईंटें, एनबीपीडब्ल्यू के सिक्के और 2000 से 3000 वर्ष पुराने अवशेष मिल चुके हैं। इस बार पानी के स्तर जैसी बाधाओं को दूर कर व्यवस्थित तरीके से खुदाई की जाएगी।
संजय झा ने बताया कि उत्खनन से प्राप्त सामग्रियों को संरक्षित करने के लिए यहां पटना म्यूजियम के मानक पर संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा।
इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि होटल, रेस्ट हाउस और अन्य सुविधाओं के जरिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कार्यक्रम में सांसद रामप्रीत मंडल, विधायक मीना कामत, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, एसपी योगेंद्र कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।