मधुबनी में गैस लेने गए वृद्ध की मौत, होम डिलीवरी व्यवस्था पर उठे सवाल
मधुबनी के अड़रिया गांव में रसोई गैस लेने गए 75 वर्षीय जगदीश सदाय की अचानक मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासन के होम डिलीवरी के दावों की पोल खोल दी है, क्यो ...और पढ़ें

इसमें प्रीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
मधुबनी में रसोई गैस लेने गए 75 वर्षीय वृद्ध की मौत।
अड़रिया गांव निवासी जगदीश सदाय की गोदाम पर हुई मृत्यु।
घटना से होम डिलीवरी के सरकारी दावों की खुली पोल।
संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। बिहार में मधुबनी के अड़रिया संग्राम थाना के अड़रिया गांव स्थित एचपी गैस वितरक के यहां रसोई गैस लेने गए एक वृद्ध की मंगलवार को अचानक मौत हो गई।
वृद्ध की पहचान अड़रिया गांव निवासी 75 वर्षीय जगदीश सदाय के रूप में हुई है। उनके छोटे भाई फगुनी सदाय ने बताया कि वे पहले से भी बीमार थे। वे गैस लेने गोदाम पर गए।
रसोई गैस रिसीव भी कर लिया लेकिन अचानक बेहोश हो गए। उन्हें एक निजी हास्पीटल में अड़रिया संग्राम में ही ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर अड़रिया संग्राम पुलिस भी मृतक के घर पहुंची थी।
थानाध्यक्ष अर्पण कुमार ने बताया कि पहले वृद्ध को पैरालाईसिस हुआ था और हर्ट संबंधी बीमारी स्वजनों ने बताई है। उन्होंने कहा कि स्वजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में है। स्वजनों ने किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं बताई है।
वृद्ध की मौत से वितरण व्यवस्था की खुली पोल
प्रशासन भले ही लगातार यह दावा कर रहा है कि रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है लेकिन सच्चाई यह है कि अभी भी गांव से लेकर शहर तक में प्रतिदिन उपभोक्ताओं की लाईन लगी रहती है।
आखिर गैस कंपनियां होम डिलीवरी को अपने नियम के अनुसार क्यों नहीं कर पा रही है, यह बड़ा यक्ष प्रश्न है। ऐसा नहीं है कि होम डिलीवरी किया नहीं जाता लेकिन होम डिलीवरी में एजेसियां पिक एंड चुज की नीति अपना रही है।
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आखिर ऐसी कौन सी ऐसी परिस्थिति बनी कि अड़रिया में 75 वर्ष के वृद्ध को रसोई गैस लेने के लिए गोदाम तक जाना पड़ा। अगर वितरण व्यवस्था सही होती तो घर तक गैस की आपूर्ति हो सकती थी।
अड़रिया संग्राम एच पी गैस एजेंसी के जवाबदेह बब्लू झा ने बताया कि होम डिलीवरी तो होती है लेकिन लोग आपाधापी में लाईन लगा देते हैं। अब लाईन लगाने वालों को हम कुछ कह तो नहीं सकते। सोमवार को लखनौर इण्डेन गैस वितरक के यहां भी भाड़ी भीड़ देखी गई थी।