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    बिहार में भी दानपेटी विवाद, मधुबनी के कपिलेश्वर शिवालय के 13 पंडों पर केस, टीम का हुआ था विरोध

    By Brajmohan MishraEdited By: Ajit kumar
    Updated: Sat, 11 Jul 2026 05:41 PM (IST)

    Kapileshwar Shivala Dispute: मधुबनी के कपिलेश्वर शिवालय में दानपेटी खोलने और संपत्ति सूचीकरण को लेकर हुए विवाद में 13 पंडों पर विधि-व्यवस्था भंग करने ...और पढ़ें

    कपिलेश्वर शिवालय में दानपेटी खोलने को लेकर विवाद की स्थिति है।

    कपिलेश्वर शिवालय में दानपेटी खोलने को लेकर विवाद की स्थिति है।

    HighLights

    1. कपिलेश्वर शिवालय में दानपेटी विवाद पर 13 पंडों पर FIR.

    2. प्रशासनिक टीम को विरोध के कारण लौटना पड़ा था.

    3. पंडा समाज ने नई न्यास समिति गठन पर आपत्ति जताई.

    जागरण संवाददाता, मधुबनी। Kapileshwar Shivala Dispute: रहिका प्रखंड स्थित प्रसिद्ध कपिलेश्वर शिवालय में दानपेटी खोलने और मंदिर की चल-अचल संपत्तियों के सूचीकरण को लेकर उत्पन्न विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है।

    गुरुवार को प्रशासनिक टीम के विरोध के मामले में रहिका प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने 13 पंडों के खिलाफ विधि-व्यवस्था भंग करने के आरोप में रहिका थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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    विरोध के कारण लौट गई थी प्रशासनिक टीम

    एसडीओ के निर्देश पर प्रखंड प्रशासन की टीम बंद दानपेटी खोलने और मंदिर की संपत्तियों का सूचीकरण करने कपिलेश्वर शिवालय पहुंची थी।

    हालांकि, पंडा समाज और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण विधि-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा था।

    मंदिर के विकास के लिए बनी न्यास समिति

    जानकारी के अनुसार, सदर एसडीओ की अध्यक्षता में कपिलेश्वर स्थान मंदिर एवं धर्मशाला के सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के उद्देश्य से राज्य धार्मिक न्यास परिषद के तहत एक न्यास समिति का गठन किया गया है।

    समिति के गठन के बाद से ही स्थानीय लोगों, पंडा समाज और कामेश्वर धार्मिक न्यास, दरभंगा की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है।

    पंडा समाज ने रखी अपनी आपत्तियां

    पंडा समाज का कहना है कि उन्हें दानपेटी खोलने या न्यास समिति के गठन से कोई आपत्ति नहीं है। उनकी मांग है कि समिति का गठन पंडा समाज, स्थानीय नागरिकों और धर्मावलंबी व्यक्तियों की सहभागिता के साथ किया जाए।

    साथ ही उन्होंने दावा किया है कि मंदिर से संबंधित कुछ जमीन पंडा समाज के नाम पर रैयती भूमि है, जिसके संबंध में संबंधित अधिकारियों को दस्तावेजों के साथ आवेदन दिया जा चुका है। उनका कहना है कि इस मामले की अब तक उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई है।

    कामेश्वर धार्मिक न्यास ने भी जताई आपत्ति

    कामेश्वर धार्मिक न्यास, दरभंगा का कहना है कि कपिलेश्वर शिवालय उनके न्यास से संबद्ध है। न्यास का यह भी दावा है कि जमींदारी उन्मूलन के बाद मंदिर की संपत्तियां स्वतः बिहार सरकार में निहित नहीं हुई हैं। इसी आधार पर गठित न्यास समिति पर पुनर्विचार करने और नए सिरे से समिति के गठन की मांग की जा रही है।

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