नेपाल के मधेश में एम्स और आईआईटी की मांग, भारत यहां की 87 परियोजनाओं में लगा रहा पैसे
India Nepal Relations: नेपाल के जनकपुर में भारत-नेपाल संबंधों पर एक संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ...और पढ़ें

भारत के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में नेपाल भारत संबंधों पर विचार गोष्ठी का आयोजन।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। Madhesh Province AIIMS Demand: भारत के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में नेपाल के जनकपुर स्थित रामा होटल सभागार में नेपाल भारत संबंधों पर एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस विशेष गोष्ठी में मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव और भारतीय महावाणिज्य दूत डॉ. डीएस मीना सहित कई पूर्व मंत्रियों व बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राम सिंह यादव की अध्यक्षता में पौधों को सींचकर किया गया।
एम्स और आइआइटी की मांग
मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में दोनों देशों के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को अटूट बताते हुए कहा कि यह मित्रता सदैव बनी रहेगी।
उन्होंने मधेश प्रदेश की भौगोलिक चुनौतियों और प्राकृतिक आपदाओं का हवाला देते हुए भारत सरकार से क्षेत्र में उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के लिए पहल की अपील की।
मुख्यमंत्री ने भारत से मधेश प्रदेश में एक एम्स और एक आइआइटी संस्थान स्थापित करने की औपचारिक मांग रखी।
पूरी हुईं 62 योजनाएं
भारतीय महावाणिज्य दूत डॉ. डीएस मीना ने दोनों देशों के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बताते हुए कहा कि भारत ने सदैव नेपाल के साथ सच्ची मित्रता और सहयोग की भावना रखी है।
उन्होंने विकास साझेदारी की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा मधेश प्रदेश में कुल 87 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से 62 विकास योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं जबकि शेष पर कार्य तेजी से जारी है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों, प्राध्यापकों और बुद्धिजीवियों ने भी दोनों देशों के साझा मुद्दों और क्षेत्रीय समस्याओं पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
विमर्श सत्र के अंत में आयोजकों द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, दुपट्टा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस परिचर्चा ने सीमावर्ती क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों और आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया।
