ऑनलाइन मंगाया असली मोबाइल, डिब्बे से निकला नकली, मुंबई से मधुबनी तक फैला नेटवर्क
ऑनलाइन शॉपिंग में लाखों रुपये के असली मोबाइल बदलकर नकली भेजने वाले हाईटेक ठगी का खुलासा हुआ है। मुंबई और बाबूबरही पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में मधुबनी ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
मुंबई और बाबूबरही पुलिस ने मधुबनी से एक आरोपित को किया गिरफ्तार
ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए मामला चौंकाने वाला
ग्राहकों को असली मोबाइल की जगह मिले नकली मोबाइल
संवाद सहयोगी, बाबूबरही (मधुबनी)। ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा करने वाले ग्राहकों के लिए यह मामला चौंकाने वाला है। लाखों रुपये के महंगे मोबाइल ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही कथित तौर पर बदल दिए जाते थे और उनकी जगह नकली मोबाइल भेजे जा रहे थे।
इस हाईटेक ठगी के तार मुंबई से मधुबनी तक जुड़े मिले हैं। संयुक्त कार्रवाई में मुंबई और बाबूबरही पुलिस ने मधुबनी से एक आरोपित को गिरफ्तार कर मुंबई ले गई है।
मधुबनी से आरोपी गिरफ्तार
बाबूबरही थाना क्षेत्र के कोल्हुआ, बलुआहा टोल गांव में मुंबई और बाबूबरही थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह ऑनलाइन ऑर्डर किए गए असली मोबाइल बदलकर नकली मोबाइल सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ा था। बुधवार को उसे मधुबनी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से मुंबई पुलिस उसे रिमांड पर अपने साथ ले गई।
महंगे मोबाइल की जगह पहुंचे नकली फोन
पुलिस के अनुसार, मुंबई के फेयर रोड निवासी नवीन गोयल शाह और उनकी पत्नी लक्ष्मी शाह की मोबाइल दुकान अमेजॉन से जुड़ी हुई है। वे ऑनलाइन ऑर्डर मिलने पर मोबाइल को सील कर अमेजॉन के माध्यम से भिवंडी स्थित वेयरहाउस भेजते थे।
छह मई 2024 से 20 अक्टूबर 2025 के बीच करीब 9.47 लाख रुपये मूल्य के 10 महंगे मोबाइल भेजे गए। हालांकि ग्राहकों को असली मोबाइल की जगह नकली मोबाइल मिले।
वेयरहाउस में बदले जाने का शक
जब ग्राहकों से लौटे मोबाइल दुकानदारों के पास पहुंचे तो पूरा मामला सामने आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भिवंडी वेयरहाउस में किसी कर्मचारी या डिलीवरी से जुड़े व्यक्ति ने सीलबंद पैकेट में असली मोबाइल निकालकर उसकी जगह नकली मोबाइल रख दिए। इसके बाद वही पैकेट ग्राहकों तक पहुंचा दिए गए।
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लोकेशन के आधार पर पहुंची पुलिस
इस मामले में नवीन गोयल ने ठाणे के देवी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान मोबाइल की लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुंबई पुलिस मधुबनी पहुंची। पीएआई वीरेंद्र सिंह खंडाडे के नेतृत्व में संयुक्त छापेमारी कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ठगी में और कौन-कौन शामिल हैं। जांच का फोकस वेयरहाउस, डिलीवरी चेन और अन्य संभावित सहयोगियों पर है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।