Madhubani News: अब कोर्ट में कागजों का झंझट होगा कम, ई-फाइलिंग से मुकदमा दर्ज करना होगा आसान
E-filing system : झंझारपुर व्यवहार न्यायालय न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ...और पढ़ें

न्यायिक पदाधिकारी के साथ बैठक करते एडीजे 1 सुशील कुमार दीक्षित। जागरण
HighLights
न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की तैयारी तेज।
ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई और वीडियो कांफ्रेंसिंग प्रभावी होगी।
अधिवक्ताओं, मुंशीगण और कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण।
संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। मुकदमे की पैरवी के लिए अब फाइलों का ढेर लेकर अदालत पहुंचने की जरूरत धीरे-धीरे खत्म होने वाली है। कागजों में उलझी न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में व्यवहार न्यायालय झंझारपुर ने कदम बढ़ा दिए हैं।
यहां ई-फाइलिंग से मुकदमा दर्ज करने, ऑनलाइन सुनवाई और जेल में बंद आरोपितों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में न्यायालय की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
ई-फाइलिंग को मिलेगा बढ़ावा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय के निर्देश पर गुरुवार को कंप्यूटर कमेटी की बैठक हुई। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अनिल कुमार राम के प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कमेटी के चेयरमैन अनिल कुमार राम ने की। इसमें न्यायालय में ई-फाइलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिवक्ताओं, मुंशीगण और आम लोगों को इस डिजिटल व्यवस्था के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया गया।
जेल से ही होगी बंदियों की पेशी
बैठक में मुकदमों की ऑनलाइन सुनवाई और जेल में बंद बंदियों की ऑनलाइन पेशी को लेकर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना है। इससे न्यायालय की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन अपडेट होंगे मुकदमों के रिकॉर्ड
न्यायिक आदेश एवं निर्णय अपलोड करने के साथ लंबित मामलों से संबंधित ऑनलाइन डाटा अपडेट करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन कार्यों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। बैठक में डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित और नियमित रूप से अपडेट रखने पर जोर दिया गया।
अधिवक्ताओं और कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
ई-फाइलिंग व्यवस्था को सफल बनाने के लिए केवल तकनीकी बदलाव ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े लोगों को भी तैयार किया जाएगा। अधिवक्ताओं, मुंशीगण और आम लोगों को इसके प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। न्यायालय कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने और संवेदनशीलता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में ये न्यायिक पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ नयन कुमार, सब जज प्रथम सह नोडल पदाधिकारी राजू कुमार, सब जज द्वितीय शिखा कुमारी, एसडीजेएम आनंद राज, मुंसिफ सुमित कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी एफएन फातमा एवं एन. कामरान उपस्थित थे।
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