मधुबनी वासियों को मिलेगी जलजमाव से राहत, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के लिए नई एजेंसी तय
Bihar BUDCO Water Drainage News: मधुबनी में वर्षों से अधूरी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना को पूरा करने के लिए अब नई निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। ...और पढ़ें

अधूड़ा पड़ा स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज कैनाल। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, मधुबनी। Madhubani Storm Water Drainage Project: शहर में वर्षों से अधूरी पड़ी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना को पूरा करने की दिशा में अब एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
बिहार विधानसभा में मामला उठने के बाद नगर विकास विभाग ने शेष बचे निर्माण कार्यों के लिए नई निर्माण एजेंसी के चयन की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लगातार लापरवाही और खराब कार्य प्रदर्शन के कारण पुरानी निर्माण एजेंसी क्रुशी इन्फ्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
2019 में शुरू हुई योजना
शहरवासियों को जलजमाव की भीषण समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी गई थी।
इस योजना के तहत वाटसन कैनाल, किंग्स कैनाल और राज कैनाल के निर्माण के साथ 15 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना तय हुआ था। संशोधित प्रस्ताव के अनुसार पूरे शहर में कुल 5,992 मीटर पक्के नाले का निर्माण कराया जाना निर्धारित किया गया था।
धीमी रफ्तार से काम अटका
निर्धारित समयावधि में काम पूरा न होने और कार्यदायी एजेंसी की घोर सुस्ती के कारण पूरी परियोजना लगातार पिछड़ती चली गई।
नतीजा यह हुआ कि योजना के मूल दायरे में कटौती करनी पड़ी और कई महत्वपूर्ण हिस्सों में निर्माण कार्य पूरी तरह रोकना पड़ा। वर्तमान में स्थिति यह है कि वाटसन कैनाल का करीब 95 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।
किंग्स और राज कैनाल अधूरे
दूसरी ओर किंग्स कैनाल में अब तक महज 10 प्रतिशत ही निर्माण कार्य पूरा कराया जा सका है। वहीं राज कैनाल के निर्माण का काम लगभग पूरी तरह से अधूरा और ठप पड़ा हुआ है।
अब विभाग ने फैसला लिया है कि किंग्स कैनाल का बाकी 90 फीसदी और राज कैनाल का पूरा काम नई एजेंसी से कराया जाएगा।
लापरवाह एजेंसी पर सख्त कार्रवाई
बुडको के परियोजना निदेशक ने 30 अक्टूबर 2025 को ही मुख्य महाप्रबंधक को पत्र भेजकर क्रुशी इन्फ्रा को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा कर दी थी।
विभागीय पत्र में एजेंसी पर काम में अत्यधिक विलंब करने और बार-बार दिए गए सरकारी निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाया गया था। इससे पहले 25 जुलाई 2024 को भी उक्त एजेंसी को काम करने से डिबार घोषित किया जा चुका था।
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जलजमाव से मिलेगी स्थायी राहत
बार-बार मिले नोटिस और चेतावनियों के बाद भी जब धरातल पर कोई सुधार नहीं दिखा तो विभाग ने अनुबंध खत्म कर नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की।
स्थानीय नागरिकों को अब उम्मीद जगी है कि नई निर्माण एजेंसी के आते ही इस महत्वपूर्ण परियोजना को तेजी से पूरा किया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चालू होने से बरसात के दिनों में मधुबनी शहर को जलजमाव की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।